एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि डर के माहौल के कारण अब तक किसी भी फिल्मी हस्ती ने औपचारिक रूप से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री एक बार फिर डर और दहशत के माहौल से गुजर रही है। जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी और फरार अपराधी शुभम लोनकर के सक्रिय होने से बॉलीवुड में दहशत का माहौल है। मुंबई पुलिस के सूत्रों के अनुसार, लोनकर ने फिल्म इंडस्ट्री की कम से कम 5 बड़ी हस्तियों को टारगेट बनाया है और उन्हें रंगदारी (Extortion) के लिए धमकी भरे फोन किए गए हैं।
हैरानी की बात यह है कि बिश्नोई गैंग के खौफ के कारण अभी तक किसी भी फिल्मी हस्ती ने पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमें खुफिया जानकारी मिली है कि कई बड़े सितारों को धमकी भरे कॉल आए हैं, लेकिन वे सामने आने से डर रहे हैं। जब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं होती, हमारे लिए ठोस कार्रवाई करना मुश्किल है।
बता दें कि पिछले रविवार (1 फरवरी) की आधी रात को मशहूर निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित बंगले पर बाइक सवार हमलावर ने पांच राउंड फायरिंग की थी। इस मामले में मास्टरमाइंड के तौर पर शुभम लोनकर का नाम सामने आया था।
इस घटना के बाद शुभम लोनकर का कथित सोशल मीडिया पोस्ट पुलिस के हाथ लगा। इस पोस्ट में उसने खुले तौर पर शेट्टी व बॉलीवुड इंडस्ट्री को धमकी दी थी। पोस्ट में लोनकर ने लिखा, ''राम-राम, जय बजरंग बली। हमने रोहित शेट्टी को कई बार मैसेज कर हमारे काम में दखल न देने को कहा था, लेकिन वह नहीं समझे। यह तो सिर्फ 'ट्रेलर' था। अगर अब भी नहीं माने, तो अगली गोली घर के बाहर नहीं, सीधे उनके सीने में लगेगी। यह पूरे बॉलीवुड को चेतावनी है, वक्त रहते सुधर जाओ।''
हालांकि, रोहित शेट्टी ने पुलिस को दिए अपने बयान में किसी भी तरह के धमकी भरे कॉल या मैसेज मिलने की बात से साफ इनकार किया है। इसके बावजूद पुलिस इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की गई हैं, जो देशभर में आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही हैं।
फिल्म निर्देशकों की संस्था IFTDA (Indian Film & Television Directors' Association) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। संस्था ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। IFTDA ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से फिल्म जगत में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।