विधानसभा परिणाम के बाद अलग होने का गुस्सा भाजपा में दिखा, शिवसेना को सदन में घेरने के साथ साथ भाजपा के विधायकों ने हाथापाई तक शुरू कर दिया , नागपुर में जोरदार पोस्टर बाजी और आक्रामक भूमिका में भाजपा ने शिवसेना को निचे दबाने की पूरी रणनीति पर उतरा आई . पहले से अपनी आक्रामक रवैये के लिए मशहूर शिवसेना के विधायक भी पीछे नहीं रहे , उन्होंने भी भाजपा को उनके ही शब्दों में जवाब देने का प्रयास किया .
मुंबई . विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद भाजपा -शिवसेना में हुई तकरार से भाजपा सत्ता से दूर तो हो गई लेकिन उसके मन में शिवसेना के प्रति गुस्सा कूट कूट कर भर गया है . भाजपा का गुस्सा अब बाहर आने लगा है. मंगलवार को नागपुर में विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दुसरे दिन भाजपा का गुस्सा साफ़ झलक रहा था . शिवसेना को सदन में घेरने के साथ साथ भाजपा के विधायकों ने हाथापाई तक शुरू कर दिया , नागपुर में जोरदार पोस्टर बाजी और आक्रामक भूमिका में भाजपा ने शिवसेना को निचे दबाने की पूरी रणनीति पर उतरा आई . पहले से अपनी आक्रामक रवैये के लिए मशहूर शिवसेना के विधायक भी पीछे नहीं रहे , उन्होंने भी भाजपा को उनके ही शब्दों में जवाब देने का प्रयास किया .
सदन के बाहर ही भाजपा ने घेर लिया ,शिवसेना के मुखपत्र दैनिक सामना में उद्धव के बयान को लेकर दोनों दलों के गुस्सैल विधायक में भिडंत हो गई .
सदन में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ज कर कहासुनी हुई , सदन दिनभर के लिए स्थगित हो गया . भाजपा पुरे गुस्से में दिखी , शिवसेना के अलग होने से सरकार बनाने में असफल भाजपा का गुस्सा जो अबतक दबा था नागपुर में खुलकर सामने आ रहा था , भाजपा विधायको के तेवर और रवैये से साफ़ प्रतीत हो रहा था .
विधानसभा में विपक्ष नेता देवेन्द्र फडनवीस शिवसेना नीत वाली महाविकास अघाड़ी सरकार पर जम कर बरसे , फडनवीस ने कहा कि शिवसेना को हमने आइना दिखाने का काम किया है , उसके वादे ही उसके समक्ष पेश किया है . जो कहा वो तो पूरा करो , उसमे अब उन्हें मिर्ची लगाने की क्या बात है . आशीष शेलार ने ट्वीट कर कहा कि जो सामना में शिवसेना ने कहा है उसी खबर को भाजपा ने दिखाया है , इतना गुस्सा क्यों ?
उधर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी भाजपा को पीछे धकेलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा , राज्य में तो भाजपा को युति धर्म से जुदा बताया और केंद्र में भी निशाना साधा . सावरकर के मामले में भी भाजपा को घसीट लिया , कहा कि शिवसेना सावरकर के सम्मान में खड़ी है लेकिन भाजपा ने उन्हें भारतरत्न क्यों नहीं किया इसका जवाब कौन देगा. उद्धव ने कहा कि किसानो की चिंता यह सरकार मुक्त करेगी , इसके लिए अधिकारीयों से रिपोर्ट मंगवाए जा रहे हैं .