
Maharashtra Job Scam: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों के नाम पर कथित फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एयरपोर्ट पर अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र के हजारों शिक्षित बेरोजगार युवाओं से आवेदन और परीक्षा शुल्क के तौर पर पैसे लिए गए। जब सैकड़ों उम्मीदवार परीक्षा देने केंद्र पर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के गृह जिले छत्रपति संभाजीनगर का है। जहां एक निजी कंपनी की ओर से एयरपोर्ट पर नौकरी के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने का दावा किया गया था। उम्मीदवारों को बताया गया कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी होगी और उन्हें करीब 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी मिलेगी। इस नौकरी की उम्मीद में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया।
आरोप है कि प्रत्येक उम्मीदवार से आवेदन शुल्क के नाम पर करीब 500 से 700 रुपये लिए गए। उम्मीदवारों का कहना है कि पिछले करीब एक महीने से वे ऑनलाइन आवेदन भरने के साथ परीक्षा की तैयारी भी कर रहे थे। उन्हें यह भी बताया गया था कि चयन के लिए ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी।
जब उम्मीदवार छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा स्थित एक स्कूल में परीक्षा देने पहुंचे तो उन्हें कथित भर्ती प्रक्रिया की हकीकत का पता चला। उम्मीदवारों के मुताबिक, जिस परीक्षा को ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित बताया गया था, उसके लिए परीक्षा केंद्र पर एक भी कंप्यूटर उपलब्ध नहीं था।
इससे नाराज उम्मीदवारों ने जब आयोजकों से सवाल किया तो कथित तौर पर परीक्षा कराने के लिए पहुंची 'थर्ड पार्टी' कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी होने से इनकार कर दिया। उम्मीदवारों का आरोप है कि उन्हें यह तक कहा गया कि उन्हें परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
इसके बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी फैल गई। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उम्मीदवारों ने संबंधित कंपनी और भर्ती प्रक्रिया की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में सबसे ज्यादा आक्रोश उन युवाओं में है, जिन्होंने नौकरी की उम्मीद में न केवल पैसे खर्च किए, बल्कि करीब एक महीने तक परीक्षा की तैयारी भी की। उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें एयरपोर्ट जैसी प्रतिष्ठित जगह पर नौकरी और अच्छी सैलरी का सपना दिखाया गया था। उम्मीदवारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर तक उपलब्ध नहीं होने के बाद उम्मीदवार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के पीछे कौन है और वास्तव में कितने उम्मीदवारों से पैसे लिए गए, इसका स्पष्ट आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।