
गढ़चिरोली/मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने गढ़चिरोली जिले के एक सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय आश्रम स्कूल में सर्पदंश से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्कूल का लाइसेंस स्थाई रूप से रद्द करने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि यह घटना गत रविवार रात (9 अगस्त) जिले की धानोरा तालुका के जपतलाई गांव स्थित आवासीय आश्रम स्कूल के छात्रावास में हुई थी।
इस घटना में फर्श पर सो रही छात्राओं को एक जहरीले सांप ने डस लिया था। इस हादसे में तीन छात्राओं की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल स्कूल की मान्यता रद्द करने का निर्देश दिया, बल्कि छात्रों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को भी कहा है।
इसके साथ ही उन्होंने पूरी घटना की विस्तृत उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि गढ़चिरोली सहित पूरे राज्य के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में स्थित आवासीय आश्रम स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए और वहां साफ-सफाई, सोने के इंतजाम तथा आपातकालीन सुविधाओं की कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसा रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच हुआ। उस समय छात्राएं छात्रावास में सो रही थीं। सांप के काटने की जानकारी सामने आने के बाद तीनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। धानोरा के अस्पताल में इलाज के दौरान दो छात्राओं ने दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी छात्रा को गढ़चिरौली के जिला सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। घटना के बाद आश्रम स्कूल में रहकर पढ़ाई करने वाली अन्य छात्राओं में भय का माहौल था।
छात्रावास और स्कूल परिसर में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर नाराजगी है। मृत छात्राओं की पहचान दीपिका लकड़ा, सुष्मिता मंडल और अनु कोरेटी के रूप में हुई है। दीपिका लकड़ा कक्षा 6 और सुष्मिता मंडल कक्षा 8 में पढ़ती थीं। तीसरी छात्रा अनु कोरेटी ने गढ़चिरौली जिला सामान्य अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा।