
राहुल गांधी। फोटो- आईएएनएस
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री में संसद में आकर विपक्ष के सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं है। प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 15 दिनों से न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री में सदन में आने की हिम्मत है और न ही अपने किए को स्वीकार करने का साहस है। दिल्ली में छात्रों के साथ जो हुआ, उस पर दोनों में से किसी ने भी कोई टिप्पणी करना जरूरी नहीं समझा।
राहुल गांधी ने कहा कि सवाल कभी यह नहीं था कि गृह मंत्री संसद में आकर किसी सामान्य विषय पर भाषण दें। इसकी जरूरत न तो हमें है और मुझे विश्वास है कि देश की जनता को भी इसकी जरूरत नहीं होगी। जनता भी गृह मंत्री से छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर जवाब सुनना चाहती है। उन्हें स्पष्ट करना होगा कि दिल्ली में हमारे युवाओं पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? उन्होंने कहा कि अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं और सवाल यह है कि क्या उन्होंने पैलेट गन चलाने का आदेश दिया था या उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। राहुल गांधी ने कहा कि दोनों ही स्थितियों में उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि उनका गुब्बारा फट चुका है। उसे रिपेयर कर फिर से गैस भरने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उसे रिपेयर नहीं किया जा सकता। उनमें हिम्मत नहीं है कि वे सदन में आएं। पूरे देश ने देखा कि छात्रों पर पैलेट गन से हमला किया गया। उन्हें कील लगी लाठियों से मारा-पीटा गया। ऐसे में दो बातें बहुत अहम हैं। गृह मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को मारने का आदेश दिया और वे इसके दोषी हैं। उन्हें पता ही नहीं था कि छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया, ऐसे में वे अयोग्य हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि इसलिए हमारी तीन मांगें हैं। पहली यह कि अमित शाह सदन में आकर बयान दें और इस्तीफा दें। हमारे छात्रों पर हुए हमले के लिए माफी मांगें। राम मंदिर में हुई ‘चढ़ावा चोरी’ पर सदन में चर्चा हो। उन्होंने झारखंड के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों के लिए मेरा संदेश स्पष्ट है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा की हम निंदा करते हैं, चाहे वह कहीं भी हो।
Updated on:
10 Aug 2026 08:17 pm
Published on:
10 Aug 2026 08:17 pm
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