
'मंगल मिलन' बैठक में तिरंगे के साथ PM मोदी और NDA सांसद। (फोटो सोर्स-IANS)
Mangal Milan Meeting: संसद में विपक्ष और सरकार के बीच लगातार चल रही खींचतान के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ NDA सांसदों की खास बैठक हुई। इस बैठक को 'मंगल मिलन' नाम दिया गया। बैठक की शुरुआत 'वंदे मातरम' के नारों के साथ हुई। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और NDA के कई सांसद हाथ में तिरंगा लिए नजर आए।
अब सवाल है कि इस बैठक में तिरंगा लहराने का क्या संदेश था? दरअसल, इसे NDA की एकजुटता दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है। संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार और उसके सहयोगी दल यह संदेश देना चाहते हैं कि वे एक साथ खड़े हैं और सदन के कामकाज को लेकर उनकी रणनीति साफ है।
'मंगल मिलन' की बैठक सिर्फ आपसी मुलाकात तक सीमित नहीं रही। NDA सांसदों के बीच संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों और सरकार के कामकाज को लेकर भी चर्चा हुई। सांसदों को सदन की कार्यवाही के दौरान मौजूद रहने और सरकार के जरूरी काम को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
NDA सांसद अब कुछ पोस्टरों के जरिए विपक्ष को घेरने की तैयारी में भी हैं। इनमें छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे को उठाया जाएगा। NDA की तरफ से सवाल किया जाएगा कि अगर विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर चर्चा चाहता है तो फिर संसद में इस पर चर्चा को लेकर उसका रुख क्या है।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और वहां हुई कार्रवाई का मुद्दा भी संसद में उठाने की तैयारी है। यानी आने वाले दिनों में छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी बहस और तेज हो सकती है।
बैठक में सरकार के कामकाज और उसकी उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। भाजपा सांसदों ने रोजगार, आर्थिक विकास, खेल और गरीबी कम करने जैसे मुद्दों को सामने रखा। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने दावा किया कि देश में रोजगार के हालात पहले से बेहतर हुए हैं और लोग गरीबी से बाहर आए हैं। वहीं मनोज तिवारी ने सरकार के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर संसद की कार्यवाही रोकने का आरोप लगाया।
राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने खेल के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत की बात कही। वहीं रवि किशन ने आर्थिक विकास और युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का जिक्र किया।
NDA की इस बैठक में तिरंगे का इस्तेमाल सिर्फ तस्वीरों तक सीमित नहीं दिखा। प्रधानमंत्री मोदी और NDA नेताओं का हाथ में तिरंगा लेकर नजर आना एक राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। इसका मकसद गठबंधन के भीतर एकजुटता दिखाना और संसद के मौजूदा माहौल में सरकार के पक्ष को मजबूत तरीके से सामने रखना माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि NDA की यह रणनीति संसद में कितनी असरदार होती है और विपक्ष इसके जवाब में क्या रुख अपनाता है।
Updated on:
11 Aug 2026 10:39 am
Published on:
11 Aug 2026 10:38 am
