
महाराष्ट्र सरकार अपनी महत्वाकांक्षी 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना' के तहत बुधवार को लाभार्थी किसानों की पहली सूची जारी करेगी। सरकार इस बार मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना जैसी विवादित स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त स्तर पर पात्रता की जांच कर रही है। इसी के तहत संभावित लाभार्थियों के नाम आयकर विभाग से भी सत्यापित कराए गए हैं, ताकि आयकरदाता किसानों को योजना से बाहर रखा जा सके।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, करीब 25 लाख संभावित लाभार्थियों की सूची आयकर विभाग को भेजी गई थी। जांच के बाद जो किसान आयकरदाता पाए जाएंगे, उनके नाम अंतिम सूची से हटा दिए जाएंगे। सहकार विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतिम सूची प्रकाशित करने से पहले सभी अपात्र किसानों को बाहर कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि सहकार विभाग पहली सूची को अंतिम रूप देने में जुटा है और इसे बुधवार को जारी किया जाएगा। वहीं, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जुलाई के अंत तक पात्र किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलना शुरू हो जाए।
इस योजना के तहत किसानों के 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ किए जाएंगे। राज्य सरकार का अनुमान है कि इस योजना से करीब 56 लाख किसानों को फायदा मिलेगा। इसके लिए सरकार पर 36,585 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा, जबकि 20,000 करोड़ रुपये की राशि अनुपूरक मांगों (Supplementary Demands) के जरिए उपलब्ध कराई गई है।
अधिकारियों के अनुसार, इस बार लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सख्त बनाई गई है। केवल आयकर विभाग से ही नहीं, बल्कि बैंकों द्वारा अपलोड किए गए किसानों के रिकॉर्ड का भी सत्यापन कराया जाएगा। सभी जानकारियों के मिलान के बाद ही अंतिम लाभार्थी सूची जारी होगी।
सरकार ने यह फैसला मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना से मिले अनुभव के बाद लिया है। उस योजना में पहले लाभ वितरित कर दिए गए थे और बाद में बड़े पैमाने पर जांच में लाखों लाभार्थी अपात्र पाए गए या अनिवार्य सत्यापन पूरा नहीं कर सके। इसके बाद उनके नाम सूची से हटा दिए गए थे।
कर्जमाफी योजना के क्रियान्वयन में पहले भी देरी हो चुकी है। सरकार ने शुरुआत में इसे 30 जून तक लागू करने का लक्ष्य रखा था। बाद में मानसून सत्र के दौरान इसे बढ़ाकर 5 जुलाई कर दिया गया। अब सरकार को उम्मीद है कि बुधवार को पहली सूची जारी होने के बाद कर्जमाफी की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।
गौरतलब है कि 2 जून को राज्य मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद मानसून सत्र के दौरान योजना का दायरा और विस्तारित किया गया।