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वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन शुरू: घर-घर आएंगे BLO, क्या करना होगा? जानें चुनाव आयोग की प्रक्रिया

SIR in Maharashtra Delhi: चुनाव आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मेघालय और झारखंड में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के तहत मतदाता सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है। बीएलओ आज से घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे। जानिए क्या करना होगा, कौन से दस्तावेज चाहिए और पूरी प्रक्रिया।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jun 30, 2026

SIR in maharashtra Delhi

एसआईआर के तहत मतदाता सत्यापन अभियान शुरू (Photo: IANS)

Voter Verification Drive 2026: चुनाव आयोग ने मंगलवार से दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मेघालय और झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत कर दी है। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) 30 जून से 29 जुलाई तक अपने तय पोलिंग एरिया के हर घर में जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस एक महीने के अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना, पात्र नागरिकों के नाम सुनिश्चित करना और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है।

कब तक चलेगा अभियान?

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 30 जून से 29 जुलाई के बीच बीएलओ हर घर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) देंगे और भरा हुआ फॉर्म वापस लेकर उसकी रसीद भी उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची 5 अगस्त को जारी की जाएगी, जिसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय (4 सितंबर तक) दिया जाएगा। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

अगर आप पहले से वोटर हैं तो क्या करना होगा?

यदि आपका नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज है, तब भी आपको सत्यापन प्रक्रिया में भाग लेना होगा। जब BLO आपके घर आए, तो आपको एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर उसकी एक प्रति BLO को देनी होगी और बदले में प्राप्ति रसीद (Acknowledgement) लेनी होगी।

अगर BLO के आने पर आप घर पर नहीं मिले तो?

यदि बूथ लेवल अधिकारी के आने के समय घर बंद मिलता है, तो वह फॉर्म छोड़ देगा और उसे लेने के लिए कम से कम तीन बार दोबारा आने का प्रयास करेगा।

क्या आधार, पासपोर्ट या अन्य दस्तावेज देने होंगे?

नहीं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इस चरण में एन्यूमरेशन फॉर्म के साथ आधार कार्ड, पासपोर्ट या किसी अन्य दस्तावेज को जमा करना अनिवार्य नहीं है।

हालांकि, यदि किसी विशेष मामले में अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता होगी, तो बाद में संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

क्या फॉर्म ऑनलाइन भी भर सकते हैं?

हां। यदि आप BLO का इंतजार नहीं करना चाहते, तो चुनाव आयोग के Voter Portal के माध्यम से भी एन्यूमरेशन फॉर्म ऑनलाइन भर सकते हैं।

फॉर्म भरते समय कौन-सी जानकारी देनी होगी?

मौजूदा मतदाताओं को फॉर्म में पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित जानकारी भरनी होगी। यदि आपको अपनी पुरानी जानकारी याद नहीं है, तो आप EPIC (वोटर आईडी) नंबर, अपना नाम और अन्य व्यक्तिगत विवरण और अपना मतदान केंद्र के जरिये खोज सकते हैं।

अगर पहले की वोटर लिस्ट में नाम नहीं था तो?

यदि पिछली विशेष पुनरीक्षण सूची में आपका नाम नहीं था, लेकिन आपके माता-पिता या दादा-दादी का नाम दर्ज था, तो फॉर्म में उनकी जानकारी देनी होगी।

यदि आपके माता-पिता कभी मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं रहे हैं, तब भी उनके नाम फॉर्म में लिखे जा सकते हैं। ऐसे मामलों में भविष्य में सहायक दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

शादी के बाद क्या जानकारी देनी होगी?

यदि विवाह के बाद आपका नाम पिछली विशेष पुनरीक्षण सूची में शामिल नहीं था, तो आपको अपने ससुराल पक्ष की नहीं, बल्कि मायके यानी अपने माता-पिता या दादा-दादी की जानकारी देनी होगी।

किसी समस्या पर कहां मिलेगी मदद?

यदि सत्यापन प्रक्रिया को लेकर कोई सवाल हो, तो आप चुनाव आयोग की 1950 वोटर हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, 'बुक-ए-कॉल' सुविधा के जरिए अपने BLO से संपर्क किया जा सकता है या फिर नजदीकी मतदाता सहायता केंद्र अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय से भी सहायता ली जा सकती है।

चुनाव आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से समय पर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची पूरी तरह सही और अप-टू-डेट रहे।