
बच्चों से भरी स्कूल बस पर गिरा विशाल पेड़ (ANI Photo)
Mumbai School Bus Accident: मुंबई के चेंबूर इलाके में एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक स्कूल बस पर बड़ा पेड़ गिर गया। इस हादसे में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि 10 बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद राहत और बचाव टीम मौके पर पहुंची और बस में फंसे बच्चों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।
मुंबई के चेंबूर में रोड नंबर 11 पर एक स्कूल बस पर भारी पेड़ गिर गया। हादसे में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि 10 बच्चे घायल हो गए। बस में कुल 13 छात्र सवार थे। घायल बच्चों को जैन हॉस्पिटल और जेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं रेस्क्यू टीम पेड़ काटकर बस में फंसे एक बच्चे को बाहर निकालने में जुटी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले भी BMC से पेड़ों की छंटाई को लेकर शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हादसें के समय स्कूल बस पेड़ के नीचे खड़ी थी। बस में कुल 13 छात्र मौजूद थे। लगातार बारिश और तेज हवा के कारण कमजोर हो चुका बड़ा पेड़ अचानक गिर गया और सीधे बस के ऊपर जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पेड़ गिरने के बाद बस के अंदर बैठे कई छात्र फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस और राहत टीम को दी।
घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंच गया। पेड़ काफी बड़ा होने के कारण उसे हटाना आसान नहीं था। इसके बाद टीमों ने पेड़ को काटकर बस में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। हादसे में घायल बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है। 13 बच्चों में से 10 छात्रों का इलाज चल रहा है। वहीं एक छात्रा की मौत की मौत हो गई।
मुंबई की पूर्व महापौर और ठाकरे गुट की नेता किशोरी पेडणेकर ने इस घटना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ों की देखभाल और उनकी सुरक्षा को लेकर पहले से कदम उठाने चाहिए थे। उन्होंने मांग की कि जिस इलाके में यह हादसा हुआ, वहां के उद्यान अधीक्षक पर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि पेड़ों का वजन कम करना, उनकी समय पर छंटाई करना और बारिश से पहले जांच करना जरूरी है।
हादसे के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी पेड़ों की कटाई और छंटाई को लेकर बीएमसी को कई बार जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम से पहले पुराने और कमजोर पेड़ों की जांच जरूरी होती है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
Updated on:
30 Jun 2026 05:59 pm
Published on:
30 Jun 2026 05:40 pm
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