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बकाया बिल के लिए ठेकेदार ने सरकारी स्कूल में जड़ा ताला, शिक्षक-बच्चे रहे बाहर, तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की किरकिरी

Telangana school news: तेलंगाना के खम्मम में ठेकेदार ने 11 लाख रुपये बकाया बिल न मिलने पर सरकारी स्कूल पर ताला लगा दिया। बच्चे और टीचर बाहर रह गए। बीजेपी नेता एन.वी. सुबाष ने रेवंत रेड्डी सरकार पर हमला बोला।
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Telangana Congress News

तेलंगाना में स्कूल को लेकर कांग्रेस की किरकिरी। (फोटो- ANI)

तेलंगाना से एक और चौंका देने वाला बयान सामने आया है। खम्मम जिले में बकाया बिल को लेकर एक ठेकेदार ने सरकारी स्कूल में ही ताला जड़ दिया है। इस मामले को लेकर तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की खूब किरकिरी हो रही है।

माना ऊरु माना बाड़ी योजना के तहत स्कूल की मरम्मत का काम करने वाले ठेकेदार चल्ला आयोध्या ने विद्यालय में ताला जड़ा है। बताया जा रहा है कि करीब 11 लाख रुपये की बकाया राशि न मिलने पर उसने यह कदम उठाया है।

शिक्षक-बच्चे रह गए बाहर

ताला बंद होने के चलते स्कूल पहुंचने वाले बच्चे और टीचर बाहर खड़े रह गए, कुछ को पास के आंगनवाड़ी केंद्र में बैठना पड़ा। यह घटना सरकार की उदासीनता को उजागर करती है।

ठेकेदार ने स्कूल खुलने से पहले ही गेट पर ताला जड़ दिया। उनके परिवार के सदस्यों के साथ उन्होंने स्कूल के बाहर प्रदर्शन भी किया।

आयोध्या ने बताया कि उन्होंने स्कूल में 26 लाख रुपये का मरम्मत काम किया था, लेकिन सिर्फ 15 लाख ही मिल पाए। बाकी 11 लाख रुपये महीनों से अटके पड़े हैं। ठेकेदार ने बताया कि सरकार दफ्तरों के चक्कर कटवा रही है, कर्ज का बोझ बढ़ रहा है, अब सहन नहीं होता।

सरकार पर विपक्ष का हमला

बीजेपी नेता एनवी सुबाष ने रेवंत रेड्डी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार बिल क्लियर नहीं कर रही। सुबाष ने मांग की कि तुरंत फंड जारी किए जाएं, ताकि ऐसे हालात न बनें।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों को बेहतर बनाने का दावा करती है, लेकिन ठेकेदारों को परेशान कर रही है। यह घटना पहली नहीं है। तेलंगाना में कई ठेकेदार लंबे समय से बकाया बिलों की शिकायत कर रहे हैं।

पहले भी लॉक किए गए हैं स्कूल

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि बाड़ी योजना के तहत सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने का काम हुआ, लेकिन पेमेंट में देरी हो रही है। कुछ ठेकेदारों ने पहले भी स्कूल लॉक किए थे।

महबूबाबाद में भी ऐसी ही घटना हो चुकी है। स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। टीचर्स और स्टूडेंट्स को बाहर इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोग भी नाराज हैं।