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MLC Election: स्नातक सीट को लेकर महायुति में घमासान, भाजपा में उठी अलग चुनाव लड़ने की मांग

Maharashtra Vidhan Parishad Election 2026: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर महायुति में विवाद सामने आया है। विधान परिषद की रिक्त हो रही पांच सीटों के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनाव कार्यक्रम का ऐलान पिछले हफ्ते किया। इनमें 3 स्नातक (Graduate) और 2 शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
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Sep 28, 2026
Maharashtra politics
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (Photo: IANS)

Maharashtra Graduate Teacher Constituency Election: महाराष्ट्र में आगामी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चुनावी तैयारियों के बीच सत्तारूढ़ महायुति के भीतर सीट को लेकर विवाद सामने आने लगा है। भाजपा (BJP) के पूर्व विधायक संजय केणेकर ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संभावित उम्मीदवार को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मराठवाड़ा में भाजपा को 'फ्रेंडली फाइट' (दोस्ताना मुकाबला) की अनुमति देने की मांग की है।

भाजपा नेता संजय केणेकर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पिछले दो वर्षों से इस चुनाव की तैयारी में काफी मेहनत की है। उनके अनुसार, पार्टी ने अब तक दो लाख से अधिक स्नातक मतदाताओं का पंजीकरण कराया है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले यदि यह सीट अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस को दी जाती है तो भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ सकती है।

सतीश चव्हाण पर केणेकर का निशाना

केणेकर की नाराजगी का सीधा निशाना राष्ट्रवादी कांग्रेस के मौजूदा विधायक सतीश चव्हाण को माना जा रहा है। चव्हाण लगातार तीन बार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत चुके हैं और इस बार चौथी बार चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।

केणेकर ने सवाल उठाया कि जो लोग विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ पूरी ताकत से चुनाव लड़ते रहे, उन्हें अब स्नातक चुनाव में भाजपा का समर्थन क्यों दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भाजपा को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाया, उन्हें केवल गठबंधन के नाम पर करीब लाने की जरूरत नहीं है।

भाजपा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भी यह चर्चा है कि पार्टी ने दो वर्षों तक मतदाता पंजीकरण और संगठन मजबूत करने के लिए मेहनत की है। ऐसे में तैयार राजनीतिक आधार किसी सहयोगी दल के उम्मीदवार के पक्ष में छोड़ना कार्यकर्ताओं के मनोबल को प्रभावित कर सकता है।

'अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व का'

विवाद के बीच सतीश चव्हाण ने कहा कि चुनाव महायुति के साथ मिलकर लड़ना है, अलग उम्मीदवार उतारना है या दोस्ताना मुकाबला करना है, इसका फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, वह उनके लिए अंतिम होगा।

भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ने की इच्छा जताई

भाजपा के शहर जिला अध्यक्ष किशोर शितोले ने कहा कि पार्टी ने इस निर्वाचन क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काफी काम किया है। उनके अनुसार, भाजपा ने बड़ी संख्या में स्नातक मतदाताओं को अपने संगठन से जोड़ा है और पार्टी के पास चुनाव लड़ने के लिए सक्षम उम्मीदवार भी हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व यदि अनुमति देता है तो भाजपा इस सीट पर अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला वरिष्ठ नेतृत्व को ही करना है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस का दावा भी मजबूत

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर भी अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। दूसरी ओर, इस सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस का दावा भी मजबूत माना जा रहा है। सतीश चव्हाण लगातार तीन बार यहां से चुनाव जीत चुके हैं। यही वजह है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने का दावा स्वाभाविक रूप से मजबूत है।

ऐसे में महायुति के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाजपा की संगठनात्मक तैयारी और राष्ट्रवादी कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक आधार के बीच संतुलन बनाने की है।

Updated on:
28 Sept 2026 09:03 am
Published on:
28 Sept 2026 09:03 am