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Maharashtra MLC Result: शरद पवार गुट का तगड़ा स्ट्राइक रेट, कांग्रेस भी आगे, भाजपा महज 33% पर कैसे सिमटी?

Maharashtra MLC Result: महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों में विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) ने तीन और भाजपा नीत महायुति गठबंधन ने 2 सीटें जीतीं। इसमें भाजपा का स्ट्राइक रेट सबसे कम रहा है।
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Updated: 29 Oct 2026, 1:34 PM IST
BJP lowest strike rate in Maharashtra MLC election
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)

Maharashtra MLC Election Result 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव परिणाम करीब 45 घंटे की मतगणना के बाद स्पष्ट हो गए हैं। इन चुनावों में महाविकास आघाड़ी (MVA) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि सत्तारूढ़ महायुति को दो सीटों पर संतोष करना पड़ा। भाजपा के लिए ये नतीजे झटका देने वाले रहे। पार्टी ने तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे केवल एक सीट पर जीत मिली। यहां तक की नागपुर में भी बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा। वहीं, शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने जिन दो सीटों पर चुनाव लड़ा, उन दोनों पर जीत हासिल की।

नतीजों के मुताबिक, नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के अभिजीत वंजारी, पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के कौस्तुभ गावडे और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एकनाथ शिंदे की शिवसेना के किरण सरनाईक विजयी हुए। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख-जाधव और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से शरद गुट के उम्मीदवार प्रतापसिंह पाटील ने जीत दर्ज की।

महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों पर किसे मिली जीत?

इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों पर मुकाबला हुआ। परिणामों में विपक्षी महाविकास आघाड़ी ने तीन सीटें जीतकर बढ़त बनाई, जबकि महायुति को दो सीटें मिलीं।

निर्वाचन क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टी
नागपुर स्नातकअभिजीत वंजारीकांग्रेस
पुणे शिक्षककौस्तुभ गावडेभाजपा
अमरावती शिक्षककिरण सरनाईकशिवसेना (शिंदे गुट)
पुणे स्नातकहर्षदा देशमुख-जाधवNCP (शरदचंद्र पवार)
छत्रपति संभाजीनगर स्नातकप्रतापसिंह पाटीलNCP (शरदचंद्र पवार)

भाजपा को 3 में से सिर्फ 1 सीट, स्ट्राइक रेट 33.33%

भाजपा ने पांच में से तीन निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें नागपुर स्नातक, पुणे स्नातक और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। पार्टी को इनमें से केवल पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सफलता मिली, जहां कौस्तुभ गावडे ने जीत दर्ज की।

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुधाकर कोहले को कांग्रेस के अभिजीत वंजारी से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार स्मिता जाधव को भी जीत नहीं मिली। इस तरह भाजपा ने तीन में से एक सीट जीती और उसका जीत का स्ट्राइक रेट 33.33 प्रतिशत रहा।

NCP शरद गुट का शानदार स्ट्राइक रेट

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने इन पांच सीटों में से दो पर चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हर्षदा देशमुख-जाधव और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में प्रतापसिंह पाटील विजयी हुए। दोनों सीटें जीतने के साथ पार्टी का स्ट्राइक रेट 100 प्रतिशत रहा है।

शिंदे की शिवसेना ने एक सीट जीती

वहीं, महायुति में बीजेपी की सहयोगी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों को समर्थन दिया था। पार्टी को दो में से एक सीट पर जीत मिली।

अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना के किरण सरनाईक विजयी हुए। वहीं, पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को हार का सामना करना पड़ा। इस तरह शिवसेना का जीत का स्ट्राइक रेट 50 प्रतिशत रहा।

कांग्रेस को नागपुर में जीत, अमरावती में हार

कांग्रेस ने नागपुर स्नातक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी को एक सीट पर जीत मिली, जबकि दूसरी सीट पर हार का सामना करना पड़ा।

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। दूसरी ओर, अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार अदिति पोहरे चुनाव नहीं जीत सकीं। इस तरह कांग्रेस का भी जीत का स्ट्राइक रेट 50 प्रतिशत रहा।

गौरतलब हो कि महाराष्ट्र विधान परिषद की इन पांच सीटों के नतीजों में कांग्रेस, शिवसेना (ठाकरे गुट), एनसीपी (शरद पवार) की महाविकास आघाड़ी को तीन और बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), एनसीपी (सुनेत्रा पवार) की महायुति को दो सीटें मिलीं। हालांकि, ये चुनाव सीमित निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से जुड़े थे, इसलिए इनके परिणामों को पूरे राज्य के मतदाताओं के रुझान का सीधा प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। फिर भी, विधान परिषद की इन सीटों पर मिली जीत और हार सभी दलों के लिए आगामी चुनावो की रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभा सकते है।

Updated on:
29 Oct 2026, 1:34 PM IST
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