मुंबई

महाराष्ट्र: गरबा पांडालों में एंट्री के लिए आधार और तिलक अनिवार्य, VHP की गाइडलाइंस पर विवाद

Garba Dandiya Mumbai: महाराष्ट्र में नवरात्रि उत्सव में गरबा और दांडिया आयोजनों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मुस्लिमों की भागीदारी पर रोक लगाने की अपील की है। संगठन ने आयोजकों को कई दिशा-निर्देश सुझाए हैं।
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Updated: 6 Sep 2026, 11:37 AM IST
VHP Garba Dandiya
गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित, पहचान पत्र और तिलक देखें- VHP  (Photo: Patrika File)

VHP on Garba Dandiya Guidelines: महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि उत्सव से पहले गरबा और दांडिया को लेकर विवाद शुरू हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने राज्यभर में होने वाले गरबा-दांडिया आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। संगठन ने आयोजकों के लिए कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें कार्यक्रम में आने वाले लोगों की पहचान की जांच और माथे पर तिलक लगाने जैसे सुझाव शामिल हैं।

VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने संगठन के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और दांडिया आयोजनों में मुस्लिमों के शामिल होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि VHP सामाजिक सद्भाव और शांति में विश्वास करता है और किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है।

'नवरात्रि सिर्फ नाच-गाने का उत्सव नहीं'

श्रीराज नायर ने कहा कि नवरात्रि केवल गीत और नृत्य से जुड़ा आयोजन नहीं है, बल्कि यह देवी की आराधना का पर्व है। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, उन्हें देवी की पूजा से जुड़े आयोजनों में क्यों शामिल होना है। उन्होंने कहा कि VHP किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है और इन नियमों को किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाने के बजाय धार्मिक आयोजनों की पहचान और परंपरा को बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बताया।

आयोजकों को क्या कहा?

विश्व हिंदू परिषद ने गरबा और दांडिया आयोजकों से कार्यक्रमों में प्रवेश को लेकर सख्ती बरतने की अपील की है। संगठन की ओर से पहचान की जांच के लिए आधार कार्ड देखने और प्रतिभागियों के माथे पर तिलक लगाने जैसे उपायों का सुझाव दिया गया है। VHP का कहना है कि नवरात्रि उत्सव हिंदू सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके स्वरूप में बदलाव नहीं होना चाहिए।

'पत्नियों और बहनों के साथ आएं'

श्रीराज नायर ने कहा कि संगठन का सवाल यह है कि ऐसे लोगों के लिए दिशा-निर्देशों में ढील क्यों दी जाए, जो हमारी धार्मिक मान्यताओं और पूजा पद्धति को नहीं मानते। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुस्लिम समुदाय के लोग नवरात्रि उत्सव में भाग लेना चाहते हैं तो वे अपने परिवार के साथ आये। उन्हें मस्जिदों या अपने घरों में नवरात्रि के त्योहार आयोजित करने चाहिए।

नवरात्रि के दौरान मुंबई, ठाणे, पुणे समेत कई शहरों में बड़े स्तर पर गरबा और दांडिया कार्यक्रम आयोजित होते हैं। ऐसे में विश्व हिंदू परिषद की ओर से मुस्लिमों के शामिल होने पर रोक लगाने की अपील और आयोजकों के लिए पहचान जांच संबंधी दिशा-निर्देश आने के बाद इस मुद्दे पर बहस तेज होने की संभावना है।

Updated on:
6 Sep 2026, 11:37 AM IST
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