मुंबई

जमीन धोखाधड़ी मामले में एकनाथ खडसे और उनकी बेटी के खिलाफ केस दर्ज, क्या है पूरा मामला?

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में जमीन से जुड़े एक विवाद ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी शरद पवार) के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे और उनकी बेटी शारदा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि एक बुजुर्ग महिला की जमीन […]
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Mar 31, 2026
Eknath Khadse Bhosari land scam
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे (Photo: IANS)

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में जमीन से जुड़े एक विवाद ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी शरद पवार) के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे और उनकी बेटी शारदा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि एक बुजुर्ग महिला की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा किया गया।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, यह विवाद ‘महार वतन’ श्रेणी की जमीन से जुड़ा है, जो परंपरागत रूप से महार समुदाय को दी जाती थी। शिकायतकर्ता 82 वर्षीय चमेलीबाई तुकाराम तायडे ने आरोप लगाया है कि 2002 में उन्हें उनकी जमीन पर चीनी फैक्टरी लगाने का भरोसा दिया गया था।

बताया जा रहा है कि उस समय बेहतर मुआवजे और परिवार के सदस्यों को रोजगार देने का वादा किया गया। शुरुआती तौर पर 51,000 रुपये दिए गए और प्रत्येक सदस्य को एक-एक लाख रुपये मिलने का आश्वासन भी दिया गया।

20 साल बाद खुला मामला

शिकायत के मुताबिक, वर्षों बाद भी उस जमीन पर कोई चीनी फैक्टरी नहीं लगाई गई। आरोप है कि इस दौरान दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन को अवैध रूप से खडसे की बेटी शारदा के नाम कर दिया गया।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में तापी-पूर्णा शुगर एलाइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड नाम की कंपनी बनाकर जमीन कब्जाने की साजिश रची गई।

किन धाराओं में केस दर्ज?

जलगांव पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के बाद एकनाथ खडसे और उनकी बेटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जीवाड़े से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा एट्रोसिटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला पहले बोडवाड थाने में दर्ज हुआ था, जिसे अब आगे की जांच के लिए मुक्ताईनगर के उप-मंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) को सौंपा गया है।

खडसे ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधान परिषद सदस्य एकनाथ खडसे ने साफ तौर पर आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि इस जमीन सौदे से उनका कोई लेना-देना नहीं है और यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध के तहत सामने लाया गया है।

‘महार वतन’ जमीन क्या होती है?

‘वतन’ या ‘इनाम’ जमीन वह होती है, जो पुराने समय में शासकों द्वारा किसी समुदाय को उनकी सेवाओं के बदले दी जाती थी। महाराष्ट्र में ‘महार वतन’ जमीन परंपरागत रूप से महार समुदाय के सदस्यों की होती है, जो अब अनुसूचित जाति श्रेणी में आते हैं।

Published on:
31 Mar 2026 08:49 am