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SIR पर महाराष्ट्र में सियासी घमासान, शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ बोले- मेरी सीट पर थे 50 हजार बोगस वोटर

Maharashtra Politics: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
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Sep 29, 2026
SIR Voter List Revision Gyanesh Kumar
CEC ज्ञानेश कुमार और शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ (Photo: X/IANS)

Sanjay Gaikwad on Bogus Voters: महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर एक तरफ विपक्ष सरकार और चुनाव आयोग पर हमलावर है, तो दूसरी तरफ सत्ताधारी शिवसेना (शिंदे गुट) के बुलढाणा से विधायक संजय गायकवाड़ ने चौंकाने वाला बयान दिया है। गायकवाड़ ने दावा किया कि वे सत्ताधारी दल के अकेले ऐसे नेता थे जिन्होंने खुलकर माना था कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में 50 हजार फर्जी मतदाता मौजूद थे। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने अच्छा काम किया है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के नेता संजय गायकवाड ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के काम का समर्थन करते हुए दावा किया है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर के बाद करीब 71 हजार मतदाताओं के नाम कम हुए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट और फर्जी नाम थे, जिन्हें हटाया जा रहा है। उन्होंने यह बयान ऐसे समय दिया है जब विपक्ष SIR की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) सहित पूरा विपक्षी खेमा ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगा रहा है।

‘मेरे विधानसभा क्षेत्र में 50 हजार फर्जी मतदाता थे’

शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने चुनावी धांधली और मतदाता सूचियों में फर्जीवाड़े के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों के समय विपक्ष आरोप लगाता था कि सत्ताधारी दल वोट चोरी करके जीतते हैं। उस समय सत्ताधारी दल में केवल मैं ही ऐसा नेता था जिसने खुलकर कहा था कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में 50,000 फर्जी मतदाता हैं। कई लोगों के नाम दो-दो बार दर्ज थे, जिससे मुझे काफी नुकसान उठाना पड़ा।"

गायकवाड ने दावा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में कुल करीब 3 लाख 23 हजार मतदाताओं में से एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले लगभग 23 हजार नाम संदिग्ध पाए गए थे। एसआईआर की प्रक्रिया के बाद अकेले उनके निर्वाचन क्षेत्र से 71 हजार फर्जी वोट हटा दिए गए।

‘ज्ञानेश कुमार का काम सही, राजनीति नहीं होनी चाहिए’

संजय गायकवाड ने सीईसी ज्ञानेश कुमार का समर्थन करते हुए कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम कर रहा है। बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। गायकवाड ने कहा कि फर्जी या दोहराए गए नाम हटने के बाद वास्तविक मतदाता सूची तैयार होगी और इस प्रक्रिया को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

SIR पर क्यों मचा है विवाद?

SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। हाल ही में 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनावी सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर कई बार आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने कम से कम 14 मौकों पर कुछ निर्णयों और आदेशों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

चुनाव आयोग की ओर से इन मतभेदों को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है और आयोग ने कहा है कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

संजय राउत ने सीएम फडणवीस पर साधा निशाना

दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें फडणवीस ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी की थी।

राउत ने सवाल किया कि विपक्ष द्वारा उठाए गए मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव क्यों कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री फडणवीस को चुनाव आयोग ने ज्ञानेश कुमार का बचाव करने के लिए नियुक्त किया है।

राउत ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने SIR से जुड़े विवाद के बीच ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाने की मांग भी की है।

Updated on:
29 Sept 2026 11:57 am
Published on:
29 Sept 2026 11:26 am