Maharashtra Accident: मुंबई-आगरा हाईवे पर कई वाहनों की टक्कर में 6 लोगों की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर धुले जिले में सोमवार को कई वाहनों के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई जबकि 26 लोग घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसा सोमवार तड़के धुले के लालिंग घाट में हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहले एक डंपर की भिड़ंत ट्रक से हुई। हादसे के बाद टोल कर्मचारी और स्थानीय लोग घायलों की मदद करने के लिए पहुंचे। तभी मध्य प्रदेश से आ रही एक तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर पहले से क्षतिग्रस्त वाहनों से जा टकराई।
अधिकारियों ने बताया कि दूसरी टक्कर इतनी तेज थी कि बचाव कार्य में जुटे एक टोल कर्मचारी सहित छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 अन्य लोग घायल हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल की टीमें मौके पर पहुंची और बचाव अभियान चलाया। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय तक यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले रायगढ़ जिले के आंबेनली घाट में पर्यटकों की एक स्कॉर्पियो कार करीब एक हजार फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भयानक हादसे में आठ दोस्तों की मौत हो गई। हादसा बीती रात 12 से 1 बजे के बीच हुई। मृतकों में से 1 रत्नागिरी जिले का है, जबकि 7 सतारा जिले के हैं। फिलहाल बचाव अभियान जारी है।
पुलिस के मुताबिक, सभी आठ दोस्त स्कॉर्पियो से घूमने निकले थे। स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 1,000 फीट गहरी घाटी में जा गिरा। बचाव दल ने अब तक तीन शव बरामद किए हैं, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, अन्य की तलाश और उन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं।
हादसे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हम पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं। जिला प्रशासन राहत और बचाव अभियान में जुटा है और 7-7 कर्मियों की पांच टीमें गठित की गई हैं। शवों को निकालने के प्रयास युद्धस्तर पर चल रहे हैं। एनडीआरएफ भी तैनात है।
बेहद दुर्गम क्षेत्र और घाटी की गहराई बहुत ज्यादा होने के कारण बचाव अभियान में मुश्किल आ रही है। बचावकर्मी रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से खाई तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कई स्थानीय संगठन भी मदद कर रहे हैं।