मुंबई

मानखुर्द हादसा: पत्नी और चार बच्चों को खोने वाले मोईनुद्दीन का छलका दर्द, बोले- ‘अल्लाह ने मेरा सब कुछ छीन लिया’

Mankhurd building collapse news: मुंबई के मानखुर्द जनता नगर में अवैध इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई। हादसे में मोईनुद्दीन शाह ने अपनी पत्नी और चार बच्चों को खो दिया। हादसे के बाद पिता बोले- एक झटके में मेरा सब कुछ छिन गया।
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Jul 07, 2026
Mumbai Mankhurd building collapse
हादसे में अपने परिवार को खाने वाले मोईनुद्दीन शाह का दर्द छलक पड़ा। फोटो सोर्स-PTI

Mumbai Mankhurd building collapse: 'साहब… कल मंडे को हम नए घर में शिफ्ट होने वाले थे। बच्चों को बस भूख लगी थी। मेरी बीवी खिचड़ी बनाने घर गई थी। मैं दुकान से कुछ खाने का सामान लेने निकला था। तभी एक जोरदार धमाका हुआ और जब तक दौड़कर पहुंचा, मेरा पूरा संसार मलबे के नीचे दब चुका था। अल्लाह, मुझसे आखिर ऐसी क्या कमी रह गई थी कि एक झटके में मेरा सब कुछ छीन लिया? मेरी अख्तर और मेरे मासूम बच्चों को वापस दे दो…'।

यह चीख है 40 साल के मोईनुद्दीन वाजिद अली शाह की, जिनकी आंखों के सामने नहीं, लेकिन एक पल में उनकी पूरी दुनिया उजड़ गई। मुंबई के मानखुर्द के जनता नगर में अवैध इमारत गिरने से उनकी पत्नी और चारों बच्चों की मौत हो गई। अब उनके पास सिर्फ यादें और जिंदगी भर का दर्द बचा है।

दरार देखकर नया घर ढूंढ़ लिया था

हादसे से पहले ही लोगों को खतरे का अंदेशा हो गया था। रविवार सुबह पड़ोस में रहने वाले एक छोटे बच्चे ने घर की दीवारों में दरारें देखीं। उसने अपनी मां को बताया तो धीरे-धीरे आसपास के लोगों ने अपने घर खाली करने शुरू कर दिए। मोईनुद्दीन ने भी देर नहीं की। उन्होंने नया किराए का घर देख लिया था। सोमवार को पूरे परिवार के साथ वहां रहने जाने वाले थे। तब तक के लिए परिवार पास ही एक दूसरे घर में रुका हुआ था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि सोमवार का इंतजार करने से पहले ही सब कुछ खत्म हो जाएगा।

मैंने कहा था… ज्यादा देर मत रुकना

रविवार रात करीब आठ बजे बच्चों को भूख लगी। पत्नी अख्तर जहां (35) ने कहा कि वह पुराने घर जाकर जल्दी से खिचड़ी बना लाती हैं। वह अपने साथ चारों बच्चों कैसर जहां (14), मुनाफ (7), जलाउद्दीन (6) और तीन साल की अनाबिया को भी साथ ले गईं। पड़ोस की छह साल की आलिया भी उनके साथ खेलने चली गई। उधर मोईनुद्दीन दुकान पर कुछ खाने का सामान लेने निकल गए।

रोते हुए उन्होंने बताया कि मैंने अख्तर से कहा था कि मैं सामान लेकर आता हूं। मैंने बस इतना कहा था कि घर में ज्यादा देर मत रुकना और अगले ही पल सब खत्म हो गया। मोईनुद्दीन अभी दुकान पर ही थे कि अचानक धमाका हुआ। आवाज सुनते ही वह भागते हुए मौके पर पहुंचे। लेकिन वहां उनका घर नहीं था… सिर्फ धूल का गुबार, मलबे का ढेर और लोगों की चीख-पुकार थी।

उनकी पत्नी और चारों बच्चे उसी मलबे के नीचे दब गए। किसी को बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में फूट-फूटकर रो पड़े पूरी रात मोईनुद्दीन ने राजावाड़ी अस्पताल में बिताई। धूल से सने कपड़े, सूजी हुई आंखें और चेहरे पर ऐसा दर्द, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

जब उनका एक दोस्त उनसे मिलने पहुंचा और गले लगाया, तो वह खुद को संभाल नहीं सके। फूट-फूटकर रोते हुए बार-बार बस यही कहते रहे… "अल्लाह… मेरी अख्तर मुझे छोड़कर चली गई। मेरे बच्चे मुझे वापस दे दो…"

दो लोगों को किया गिरफ्तार

हादसे के बाद पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में अवैध निर्माण करने वाले इमारत के मालिक, निर्माण ठेकेदार, पास की अवैध झोपड़ी किराए पर देने वाले व्यक्ति और उन सरकारी अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है, जिन पर इस अवैध निर्माण को संरक्षण देने का आरोप है।

Updated on:
07 Jul 2026 04:03 pm
Published on:
07 Jul 2026 04:01 pm