मुंबई

’66 की शुगर 72 और फिर 80 कैसे हुई?’ अनशन के बीच मनोज जरांगे ने उठाए सवाल, डॉक्टरों ने दिया जवाब

Manoj Jarange Health Update: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल के आमरण अनशन का मंगलवार को चौथा दिन है। ब्लड शुगर की 66, 72 और 80 की अलग-अलग रीडिंग सामने आने पर उन्होंने सवाल उठाए। डॉक्टरों ने रीडिंग में बदलाव को लेकर सफाई दी है।
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Sep 01, 2026
Manoj Jarange Patil
अनशन के दौरान ब्लड शुगर की बदलती रीडिंग पर सवाल उठाते मनोज जरांगे पाटिल। (फोटो सोर्स-IANS)

Maratha Reservation: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल का आमरण अनशन मंगलवार को चौथे दिन भी जारी है। लगातार भूख हड़ताल के कारण डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं। इसी दौरान ब्लड शुगर की अलग-अलग रिपोर्ट सामने आने पर जरांगे ने सवाल उठाया है।

जरांगे के मुताबिक, अनशन शुरू करने से पहले उनका ब्लड शुगर लेवल 94 था। इसके बाद जांच में यह घटकर 66 हो गया। लेकिन कुछ समय बाद हुई जांच में शुगर 72 और फिर 80 बताई गई। इसी को लेकर जरांगे ने सवाल किया कि जब ब्लड शुगर 66 तक गिर गया था तो बाद में यह 72 और फिर 80 कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि उनकी सेहत से जुड़ी जांच में किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए और पूरी स्थिति साफ होनी चाहिए।

आंदोलन स्थल पर ही जांच की मांग

जरांगे ने कहा कि उन्हें डॉक्टरों पर सीधे तौर पर कोई शक नहीं है। लेकिन अगर उनकी सेहत या जांच को लेकर किसी को कोई संदेह है तो आंदोलन स्थल पर ही आधुनिक मशीनों से उनकी दोबारा जांच की जाए।

उन्होंने मेडिकल टीम से जरूरी आधुनिक उपकरण आंदोलन स्थल पर लाने की मांग की। उनका कहना है कि इससे ब्लड शुगर की सही स्थिति तुरंत सामने आ जाएगी और किसी तरह की गलतफहमी भी नहीं रहेगी।

जरांगे ने यह सवाल भी उठाया कि ब्लड शुगर की इस स्थिति के पीछे कहीं सरकार की कोई साजिश तो नहीं है। हालांकि, उन्होंने डॉक्टरों पर सीधे आरोप नहीं लगाया और कहा कि हर बात की जांच साफ तरीके से होनी चाहिए।

डॉक्टरों ने समझाई शुगर में बदलाव की वजह

जरांगे के सवाल के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ब्लड शुगर की अलग-अलग रीडिंग के बारे में समझाया। मेडिकल टीम के मुताबिक, अलग-अलग समय पर जांच करने से शुगर की रीडिंग में कुछ अंतर आ सकता है।

डॉक्टरों ने कहा कि शरीर की स्थिति और जांच के समय में अंतर होने से ब्लड शुगर ऊपर-नीचे हो सकती है। इसलिए 66 के बाद 72 और फिर 80 की रीडिंग आना अपने आप में किसी गड़बड़ी का सबूत नहीं है। डॉक्टरों ने जरांगे से बातचीत भी की और उनकी शंकाओं को दूर करने की कोशिश की।

सरकार से मांगों पर बात करने की अपील

जरांगे के अनशन को लेकर राजनीतिक बयान भी सामने आए हैं। NCP (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा कि सरकार को जरांगे की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और जरांगे के बीच पहले जो बातचीत हुई थी और जो वादे किए गए थे, उन पर भी सरकार को आगे कदम उठाना चाहिए।

वहीं, मराठा समाज से जुड़े लोगों ने भी सरकार से जरांगे का अनशन जल्द खत्म कराने की अपील की है। हालांकि, जरांगे अपनी मांगों पर अब भी कायम हैं और उन्होंने पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं।

Updated on:
01 Sept 2026 10:55 am
Published on:
01 Sept 2026 10:55 am