
रायगढ़। चार दिन पहले घर से निकले सातारा जिला पुलिस के एक यातायात पुलिसकर्मी का शव रायगढ़ जिले के पोलादपुर थाना क्षेत्र के एक लॉज में मिला। मृतक की पहचान संतोष रामचंद्र ननावरे (36) के रूप में हुई है। वह वाई तहसील के ओझर्डे गांव के रहने वाले थे। घटना की सूचना मिलते ही पोलादपुर पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे से मिली एक चिट्ठी में पारिवारिक विवाद का उल्लेख होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
संतोष ननावरे चार दिन पहले घर से निकले थे। उनके लापता होने की शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई गई थी। घर से निकलने के बाद वह मुंबई-गोवा हाईवे पर कालकाई होटल के पीछे स्थित एक लॉज में ठहरे हुए थे। लॉज का कर्मचारी उन्हें नहाने के लिए पानी देने कमरे के बाहर पहुंचा। उसने दरवाजा खटखटाकर आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर कर्मचारी ने खिड़की का शीशा सरकाकर कमरे के अंदर देखा।
इसके बाद लॉज कर्मचारियों ने तुरंत पोलादपुर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस उपनिरीक्षक सतीश पवार मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तथा ननावरे के परिजनों को दी गई। ननावरे के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, जिसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। पुलिसकर्मी की संदिग्ध मौत की जानकारी मिलने पर महाड के पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप काले और पोलादपुर के सहायक पुलिस निरीक्षक विजय सुर्वे ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस को कमरे से एक चिट्ठी मिली है। मामले की जांच कर रहे पुलिस उपनिरीक्षक सतीश पवार के अनुसार, चिट्ठी में पारिवारिक विवाद का उल्लेख किया गया है।
पुलिस के अनुसार, पत्नी के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था और पत्नी के साथ नहीं रहने को लेकर ननावरे परेशान थे। चिट्ठी में इसी तरह की परिस्थितियों का उल्लेख होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद परिजन शव को वाई तहसील के ओझर्डे स्थित उनके पैतृक गांव ले गए। पोलादपुर थाने में मामले की सूचना दर्ज की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से मिली चिट्ठी सहित अन्य पहलुओं को जांच में शामिल किया है। पुलिस उपनिरीक्षक सतीश पवार मामले की आगे जांच कर रहे हैं।