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Pune News: पुणे में छात्रों के आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, MPSC सचिव महेंद्र हरपालकर का तबादला

MPSC secretary Mahendra Harpalkar: पुणे में एमपीएससी की परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने सचिव महेंद्र हरपालकर का तबादला कर दिया है। हरपालकर को सचिव पद से कार्यमुक्त कर उनकी मूल सेवा में वापस भेजने के आदेश जारी किए गए हैं।
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पुणे

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Rakesh Mishra

•

Oct 02, 2026

MPSC secretary Mahendra Harpalkar Transfer

देवेन्द्र फडणवीस। फाइल फोटो- पत्रिका

MPSC secretary Mahendra Harpalkar Transfer: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के कामकाज और परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। एमपीएससी के सचिव महेंद्र हरपालकर को सचिव पद से कार्यमुक्त कर उनकी मूल सेवा में वापस भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार का यह फैसला छात्रों की उन प्रमुख मांगों के बाद आया है, जिनमें सचिव के तबादले की मांग भी शामिल थी।

प्रतिनियुक्ति पर थे हरपालकर

महेंद्र हरपालकर करीब दो साल से एमपीएससी सचिव पद पर प्रतिनियुक्ति पर थे। हाल ही में औषध निरीक्षक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले के बाद आयोग की परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ी। इस मामले में परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी और जांच भी चल रही है। पेपर लीक के बाद छात्रों ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी थी। छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं। बैठक के बाद सरकार ने सचिव के तबादले की मांग स्वीकार करने की बात कही। इसके बाद हरपालकर के तबादले का आदेश जारी किया गया।

छात्रों का आंदोलन जारी

महाराष्ट्र सरकार ने एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार और आयोग के पूर्व तथा मौजूदा पदाधिकारियों के कामकाज की जांच कराने का भी फैसला लिया है। इधर पुणे में एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र एसएम जोशी पुल के पास धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का समय और मेहनत प्रभावित हो रही है। आंदोलन को विधायक रोहित पवार समेत कुछ नेताओं का समर्थन भी मिला है। रोहित पवार ने कहा है कि अध्यक्ष के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर सवाल उठ सकते हैं, इसलिए अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की जा रही है। छात्रों की मुख्य मांग आयोग की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की है।

सरकार ने छात्रों को और क्या आश्वासन दिया

मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में सरकार ने एमपीएससी की परीक्षाएं फिलहाल ऑफलाइन तरीके से ही कराने का आश्वासन दिया है। परीक्षा के तरीके में बदलाव से पहले छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा करने की बात भी कही गई है। इसके अलावा अगले तीन साल के लिए भर्ती की योजना बनाने और रिक्त पदों को समय पर भरने की प्रक्रिया तैयार करने का आश्वासन दिया गया है। सरकार ने यह भी कहा है कि विभिन्न विभागों में भर्ती नियमों की समीक्षा की जा रही है।

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