मुंबई

‘Gen Z देशविरोधी नहीं, वही हमारा भविष्य है’, छात्र प्रदर्शन पर बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

Mohan Bhagwat on Gen Z Protest: छात्र प्रदर्शनों को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि Gen Z को देशविरोधी कहना गलत है। उन्होंने नई पीढ़ी को देश का भविष्य बताते हुए शिक्षा सुधार और पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
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Aug 06, 2026
Mohan Bhagwat on Gen Z Protest
छात्र प्रदर्शन पर बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत, फोटो सोर्स- IANS

RSS Chief Mohan Bhagwat: हाल के छात्र प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों को 'देशविरोधी' बताए जाने की बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने नई पीढ़ी का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यदि Gen Z के युवा किसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो उन्हें देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए।

इतना ही नहीं मोहन भागवत ने कहा कि अगर Gen Z विरोध-प्रदर्शन कर रही है, तो वे देशविरोधी नहीं हैं। वे हमारे ही लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं। मुझे बिल्कुल नहीं लगता कि Gen Z ऐसी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को गलत नजरिए से देखने के बजाय उनकी बात को समझने की जरूरत है।

RSS प्रमुख ने आगे कहा कि उनके अनुसार Gen Z और Gen Alpha मौजूदा पीढ़ी की तुलना में अधिक ईमानदार हैं। उन्होंने कहा कि देशभक्ति और समाज सेवा की सच्ची भावना के साथ की गई अपील का इस पीढ़ी पर सकारात्मक असर पड़ता है। उनका मानना है कि युवाओं को देश निर्माण की प्रक्रिया में भागीदार बनाना चाहिए, न कि केवल विरोध प्रदर्शन के आधार पर उन्हें देशविरोधी करार देना चाहिए।

दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पिछले महीने दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आखिर लाठीचार्ज क्यों करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया, इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। भागवत ने कहा कि लाठीचार्ज क्यों हुआ? पेलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया? इसके पीछे क्या वजह थी, इसका अध्ययन किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस मामले पर कोई निश्चित टिप्पणी करने के बजाय तथ्यों की जांच की जरूरत बताई।

'शिक्षा कारोबार नहीं, हर बच्चे तक पहुंचे अच्छी शिक्षा'

मोहन भागवत ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि केवल एक-दो बदलाव से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत है। उनके मुताबिक, शिक्षा को कभी भी कारोबार नहीं बनाना चाहिए और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्कूलों की फीस व्यवस्था की समीक्षा, शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने शिक्षा पर होने वाले सरकारी खर्च को बढ़ाकर बजट का 6 प्रतिशत किए जाने की मांग का भी समर्थन किया।

Updated on:
06 Aug 2026 07:42 pm
Published on:
06 Aug 2026 07:42 pm