एक लाख मुंबईकरों ( One Lakh Mumbaikars ) के स्वास्थ्य ( Health ) को खतरा ( Risk ), कई बीमारियों ( Many Diseases ) की चपेट में आ रहे लोग, सुस्त ( Tired ) और अनियमित ( Irregular ) हुई मुंबईवासियों की जीवनशैली ( Lifestyle ) , समय पर नहीं होती ढंग से बीमारियों की पहचान
मुंबई. मुंबईवासियों की जीवनशैली इतनी सुस्त और अनियमित हो गई है कि अब वे कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। नगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक रिपोर्ट की माने तो एक लाख मुंबईवासियों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया है। मधुमेह और उच्च रक्त चाप के बढ़ने से मुंबईवासी विभिन्न विकारों के जाल में फंसते जा रहे हैं। समय पर ढंग से बीमारियों की पहचान करने और उनका इलाज करने के लिए नगरपालिका की ओर से एक विशेष जांच अभियान शुरू किया गया था। इस निरीक्षण अभियान के दौरान पाए गए मरीजों को तुरंत स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया। साथ ही स्ट्रोक, दिल के दौरे और मधुमेह से दिल, गुर्दे और दिल के अन्य अंगों को नुकसान से बचने के लिए सावधानी बरती गई।
किसी भी समय स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा...
कुछ दिनों पहले संक्रमण और संक्रामक रोगों पर नगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक विशेष जांच अभियान शुरू किया गया था। स्क्रीनिंग अभियान कुष्ठ, टीबी, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर के रोगों के लिए आयोजित किया गया था। 22 वार्डों में स्वास्थ्य अधिकारियों के निरीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग के कुल 2 हजार 500 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था। 30 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक शामिल थे। अभियान के दौरान 13 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई। इनमें से 1 लाख मुंबईवासियों में स्वास्थ्य के लिए खतरा पाया गया है। इसमें उच्च स्तर का उच्च रक्तचाप व मधुमेह है और इन नागरिकों के लिए किसी भी समय स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
25 लाख मुंबईवासियों की स्क्रीनिंग...
कैंसर, टीबी और कुष्ठ रोग भी पाए गए मुंबई में कैंसर के 1 हजार 127 लक्षण पाए गए हैं। इसके अलावा 5000 से अधिक संदिग्ध टीबी रोगी प्रारंभिक जांच के लिए पाए गए थे और 172 रोगी टीबी से संक्रमित थे। इन रोगियों को गहन जांच और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। इसके अलावा भी कई उपचार शुरू किए गए हैं। 25 लाख मुंबईवासियों की स्क्रीनिंग कुष्ठ रोग के लिए की गई थी। इनमें से 2 हजार 362 संदिग्ध कुष्ठ रोग पाए गए, जिनका इलाज भी चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य 16 दिनों में 10 लाख घरों में रहने वाले 45 लाख नागरिकों का निरीक्षण करना है।
आंकड़ों पर एक नजर...
- 25 लाख 37 हजार 140 लोगों की जांच
- 2 हजार 362 कुष्ठ रोग
- 5 हजार 342 टीबी के मरीज
- 1 हजार 127 रोगियों में कैंसर के लक्षण