मुंबई

मुंबईकरों का पसंदीदा ‘देवा’ दुनिया से रुखसत, 35 साल तक बिखेरीं खुशियां, अब पसरा सन्नाटा

Rani Baug Hippo Deva Died : मुंबई के ऐतिहासिक भायखला जू के सबसे बुजुर्ग और दर्शकों के बेहद चहेते दरियाई घोड़े 'देवा' का निधन हो गया है। देवा के जाने से उसके बाड़े में अब एक खालीपन सा छा गया है, जहां वह पिछले साढ़े तीन दशकों तक रहा।
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May 21, 2026
Rani Baug Hippo Deva Died
35 साल तक सबका चहेता रहा दरियाई घोड़ा ‘देवा’ अब नहीं रहा (Photo: FB/Rani Baug)

मुंबई के ऐतिहासिक वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान और चिड़ियाघर (रानी बाग भायखला) में इन दिनों एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस बाड़े में कभी पानी की छींटों, भारी कदमों और ‘देवा’ की परिचित आवाजों से रौनक रहती थी, वहां अब खामोशी महसूस की जा रही है। दरअसल भायखला चिड़ियाघर (Byculla Zoo) का सबसे बुजुर्ग और सबसे प्रिय दरियाई घोड़ा ‘देवा’ अब इस दुनिया में नहीं रहा। 13 मई को उम्र संबंधी जटिलताओं के कारण उसकी मौत हो गई। देवा ने अपनी पूरी जिंदगी इसी चिड़ियाघर में बिताई थी। वह सिर्फ एक जानवर नहीं था, बल्कि बीते 35 वर्षों से वह मुंबई के लाखों लोगों की बचपन की यादों का हिस्सा बन चुका था।

1991 में हुआ था जन्म, पीढ़ियों ने देखा बड़ा होते

देवा का जन्म 1991 में इसी भायखला जू में हुआ था। तब से लेकर अब तक वह उसी हरियाली और पानी से घिरे बाड़े में रहा। रोज चिड़ियाघर आने वाले पर्यटक खासकर बच्चे उसे देखने जरूर पहुंचते थे। उसकी धीमी चाल, पानी में मस्ती और शांत स्वभाव ने उसे हर उम्र के लोगों का चहेता बना दिया था।

चिड़ियाघर के कर्मचारी बताते हैं कि देवा अपने छोटे से परिवार से बेहद जुड़ा हुआ था। उसकी साथी ‘शिल्पा’ और उनके दो बच्चे ‘मंगल’ और ‘गणपत’ हमेशा उसके साथ दिखाई देते थे।

अचानक थम गईं 'देवा' की सांसें

चिड़ियाघर के अधिकारियों के मुताबिक देवा की मौत पूरी तरह से अचानक हुई और उसने जाने से पहले बीमारी का कोई संकेत नहीं दिया था। अपने आखिरी दिनों तक देवा के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं देखा गया था, न ही वह सुस्त पड़ा था और न ही उसके शरीर में किसी तकलीफ के लक्षण थे। वह रोज की तरह सामान्य रूप से खाना खा रहा था, आराम कर रहा था और बाड़े में घूम रहा था।

डॉक्टर बोले- नहीं था बीमारी का कोई संकेत

चिड़ियाघर के जीव विज्ञानी डॉ. अभिषेक सातम ने बताया कि सभी जानवरों की रोज मेडिकल जांच होती है। उनका ब्लड प्रेशर, पल्स और अन्य स्वास्थ्य संबंधी चीजों की नियमित निगरानी की जाती है। देवा में बीमारी या कमजोरी का कोई संकेत नहीं मिला था।

परिवार अब भी उसी बाड़े में, पर महसूस हो रही देवा की कमी

मुंबईकरों का पसंदीदा 'देवा' दुनिया से रुखसत (Photo: FB/Rani Baug)

चिड़ियाघर के कर्मचारियों का कहना है कि देवा की साथी शिल्पा और उसके दोनों बच्चों के व्यवहार में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। वे अपनी सामान्य दिनचर्या में लगे हुए हैं।

लेकिन देवा की अनुपस्थिति कर्मचारियों से लेकर पर्यटकों तक हर किसी को महसूस हो रही है। वहां काम करने वाले कर्मचारी मानते हैं कि देवा सिर्फ एक जानवर नहीं था, बल्कि इस जगह की पहचान बन चुका था। मुंबई के हजारों परिवारों की यादों में अब भी ‘देवा’ की तस्वीर जिंदा रहेगी। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाला वह विशाल लेकिन शांत जीव अब हमेशा के लिए खामोश हो गया है।

Updated on:
21 May 2026 04:11 pm
Published on:
21 May 2026 04:11 pm