
NHRC Action:मुंबई में 2 अक्टूबर को हुए (CJP) के प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एक्शन लिया है। प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों को कथित तौर पर शामिल करने और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उनका इस्तेमाल किए जाने की शिकायत मिली थी। इस पर NHRC ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजकर अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
शिकायत में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान नाबालिग बच्चों को भी भीड़ में शामिल किया गया। आरोप है कि बच्चों को इस तरह आगे रखा गया, जिससे पुलिस के लिए प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करना मुश्किल हो।
हालांकि, अभी ये सिर्फ शिकायत में लगाए गए आरोप हैं। NHRC ने इन आरोपों को सही नहीं माना है। आयोग ने अधिकारियों से पूरी जानकारी मांगी है, जिसके बाद ही इस मामले में आगे की स्थिति साफ होगी।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों से Action Taken Report यानी अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी मांगी है। अधिकारियों को शिकायत में लगाए गए आरोपों और प्रदर्शन के दौरान की स्थिति के बारे में जवाब देना होगा।
रिपोर्ट में यह भी साफ करना होगा कि प्रदर्शन में नाबालिग बच्चे मौजूद थे या नहीं और अगर वे वहां थे तो उनकी भूमिका क्या थी। पुलिस ने इस दौरान क्या कदम उठाए, इसकी जानकारी भी रिपोर्ट में मांगी जा सकती है।
किसी भी प्रदर्शन में बच्चों की मौजूदगी अपने आप में सवाल खड़े कर सकती है, खासकर तब जब आरोप हो कि उनका इस्तेमाल पुलिस की कार्रवाई रोकने के लिए किया गया। इसी वजह से अब अधिकारियों के जवाब पर नजर रहेगी।
NHRC के नोटिस के बाद मामले में यह भी देखा जाएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगे कदम उठा सकता है।
फिलहाल NHRC ने केवल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। इसे किसी आरोप के सही साबित होने के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अब संबंधित विभाग अपनी रिपोर्ट आयोग को भेजेंगे। उसके बाद NHRC यह तय करेगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जानी है।
2 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन को लेकर सामने आया यह मामला अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में अधिकारियों की रिपोर्ट से ही साफ होगा कि प्रदर्शन में नाबालिगों को किस तरह और किस उद्देश्य से शामिल किया गया था।