
Mumbai Heavy Rain: महाराष्ट्र में भारी बारिश और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने भारी तबाही मचाई है। मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मंत्रालय स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और राज्य के मौजूदा हालात की समीक्षा की।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पुणे और नासिक के घाट क्षेत्रों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इन इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई में आज दोपहर 3 बजे से हाई टाइड (समुद्र में ऊंची लहरें) की स्थिति रहेगी। अगर हाई टाइड के दौरान भारी बारिश होती है, तो शहर में जलभराव (वॉटरलॉगिंग) की समस्या बढ़ सकती है। दोपहर के बाद हवाएं और तेज होंगी, जिनकी रफ्तार 60 से 70 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है।' मुख्यमंत्री ने बताया कि भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और कल (मंगलवार) के लिए नासिक को 'हाई अलर्ट जोन' के रूप में चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही एहतियात के तौर पर स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने की घोषणा की गई है।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, शहर में कई जानलेवा हादसे हुए हैं। यहां एक इमारत ढहने (बिल्डिंग कोलैप्स) से 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। नेहरू नगर के पास सड़क पर पेड़ गिरने से एक 63 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। जोगेश्वरी में एक घर पर पेड़ गिरने से 7 लोग और वर्ली में इसी तरह के हादसे में 2 लोग घायल हुए हैं। बीएमसी को पूरे शहर से पेड़ों/शाखाओं के गिरने की 423 शिकायतें और दीवारों या घरों के ढहने की 29 शिकायतें मिली हैं।
भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र में रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सेंट्रल रेलवे पर कर्जत-खोपोली और वेस्टर्न रेलवे पर वसई-विरार के बीच लोकल ट्रेन सेवाएं पूरी तरह निलंबित कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात से मुंबई आने वाली कई ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते यात्रियों को मुंबई-अहमदाबाद हाईवे की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। वहीं, मुंबई-पुणे हाईवे पर यातायात केवल तीन लेन में आंशिक रूप से चल रहा है और लंबा जाम लगा हुआ है। दूसरी ओर, रायगढ़, लोनावला और महाबलेश्वर समेत कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश से सावित्री नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।