
Mumbai Rain Alert: मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मानसून की मूसलाधार बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज बारिश ने मुंबई को बेहाल कर दिया है। भारी बारिश के बाद नवसारी-मारोली सेक्शन में पानी भरने के कारण वेस्टर्न रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिवीजन में रेल ट्रैफिक प्रभावित हुआ है। वहीं दूसरी ओर, शहर को पानी सप्लाई करने वाली सातों झीलों का जलस्तर महज 24 घंटे में रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़कर 41 फीसदी के पार पहुंच गया है।
मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। 9 जुलाई से बारिश की रफ्तार थोड़ी कम होगी और 12 जुलाई से हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। विभाग के मुताबिक निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और ट्रैफिक जाम की आशंका है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, बुधवार (8 जुलाई) को चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें निरस्त कर दी गई हैं। इनमें दादर-भुज सयाजीनगरी एक्सप्रेस, अहमदाबाद-बांद्रा टर्मिनस कर्णावती एक्सप्रेस और इसकी वापसी सेवा, अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल AC डबल डेकर एक्सप्रेस और इसकी वापसी सेवा, अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल तेजस एक्सप्रेस और इसकी वापसी सेवा, और अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस और इसकी वापसी सेवा शामिल हैं। इसके अलावा, 7 जुलाई को भुज से चली सयाजीनगरी एक्सप्रेस को गांधीधाम में ही शॉर्ट-टर्मिनेट (आंशिक रद्द) कर दिया गया। वहीं, श्रीगंगानगर-तिरुवनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस को रूट बदलकर सूरत-जलगांव-मनमाड-कल्याण के रास्ते चलाया जा रहा है। रेलवे ने यात्रियों को 'रेल मदद' (139) या NTES पर स्टेटस चेक करके ही घर से निकलने की सलाह दी है।
मूसलाधार बारिश का असर मुंबई की प्यास बुझाने वाली सातों झीलों को हुआ है। महज 24 घंटे के भीतर झीलों का कुल जल भंडार 28.92 फीसदी से उछलकर 41.36 फीसदी पर पहुंच गया है। झीलों में अब 5.98 लाख मिलियन लीटर पानी जमा हो चुका है। सबसे छोटी झील तुलसी और विहार झील ओवरफ्लो होने लगी। तुलसी और विहार ही ऐसी दो झीलें हैं जो बीएमसी की सीमा के अंदर आती हैं।
बीएमसी के वॉटर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अनुसार, पिछले सालों की तुलना में इस बार झील का जल्दी ओवरफ्लो हुई है। 2025 में तुलसी झील 16 अगस्त को ओवरफ्लो हुई थी और 2024 में यह 4 अगस्त को अपनी क्षमता तक भर गई थी। इन दोनों झीलों के अधिकतम स्तर तक भरने के बावजूद, आर्थिक राजधानी को पानी सप्लाई करने वाली सभी सात झीलों में कुल पानी का स्टॉक अभी कुल स्टोरेज क्षमता का 41.43 प्रतिशत है।
दूसरी ओर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय और कृषि विभाग ने राज्य के किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने कहा है कि मुंबई और पश्चिमी महाराष्ट्र में भले ही भारी बारिश हो रही हो, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में अब भी औसत से कम वर्षा हुई है। खासकर खानदेश (धुले-नंदुरबार), मध्य महाराष्ट्र (अहिल्यानगर-सोलापुर), पश्चिमी विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में सूखा जैसे हालात हैं। कृषि विभाग ने इन क्षेत्रों के किसानों से अपील की है कि जब तक मिट्टी में पर्याप्त नमी न हो जाए, तब तक बुआई की जल्दबाजी न करें।
कोलाबा : 62.1 मिमी
सांताक्रुज : 125 मिमी
ठाणे: 112 मिमी
बेलापुर: 121.4 मिमी
नेरुल: 113.2 मिमी
वाशी: 99.6 मिमी
कोपरखैरने: 111.2 मिमी
ऐरोली: 101.8 मिमी
दिघा: 96.5 मिमी