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‘घूंघट करना हमारी सभ्यता में नहीं’, गायिका जया किशोरी के बयान पर छिड़ी बहस, बोलीं- मंदिरों में देवियां घूंघट में नहीं होतीं

Jaya Kishori On Ghoonghat Pratha: गायिका और कथावाचक जया किशोरी ने हाल ही में भारत में घूंघट प्रथा को लेकर अपना बयान दिया है। क्या कुछ कहा है जया ने, चलिए जानते हैं।
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Jaya Kishori On Ghoonghat Pratha

Jaya Kishori On Ghoonghat Pratha (सोर्स- @Ranveer Allahbadia)

Jaya Kishori On Ghoonghat Pratha: फेमस कथा वाचक और भजन गायिका जया किशोरी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने घूंघट प्रथा और भारतीय संस्कृति को लेकर अपनी राय रखी है। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर नई बहस छिड़ गई है। कई लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इससे असहमति भी जता रहे हैं। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।

जया किशोरी ने घूंघट को लेकर कही ये बात

रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में जया किशोरी ने कहा कि कई ऐसी बातें हैं जिन्हें समय के साथ हमारी संस्कृति का हिस्सा मान लिया गया, जबकि उनका मानना है कि उनका मूल भारतीय परंपरा से संबंध नहीं है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर घूंघट प्रथा का जिक्र किया और कहा कि अगर ये वास्तव में हमारी मूल संस्कृति का हिस्सा होती तो इसका प्रमाण हमारे प्राचीन मंदिरों और देवी-देवताओं की प्रतिमाओं में भी दिखाई देता।

घूंघट की प्रथा हमपर थोपी गई है- जया किशोरी

रणवीर अल्लाहबादिया के साथा के दौरान जया किशोरी ने कहा, 'अगर आप कहें कि यही मेरा देश है, यही मेरी संस्कृति है, लेकिन सच कहूं तो ऐसा नहीं है। ये आप पर थोपा गया। इसे किसी कारण से लाया गया। उदाहरण के लिए घूंघट प्रथा। यह हमारी नहीं थी। अगर होती तो हमारे सभी मंदिरों में हमारी देवियां घूंघट में होतीं। ऐसा क्यों नहीं है? किसी भी मंदिर में ऐसा नहीं है। कहीं भी कोई प्रतिमा या नक्काशी ऐसी नहीं मिलेगी। आप मुझे दिखाइए कि कहीं मां का चेहरा घूंघट में है। कहीं भी नहीं है। और फिर हम कहते हैं कि यही हमारी संस्कृति है, यही हमारी सभ्यता है।'

जया किशोरी ने आगे बात करते हुए कहा, 'लेकिन ये कहां से आई? यह कब शुरू हुई? बताइए कब शुरू हुई? इसका जवाब आपके पास नहीं है। कुछ चीजों को आपने स्वीकार कर लिया है और अब छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन यह आक्रमणों के दौरान आया। इसे आपके मन में डाला गया। आपकी संस्कृति से आपको धीरे-धीरे दूर किया गया। आपके मन में ये बातें इतनी सहजता से बैठा दी गईं कि आने वाली पीढ़ियां अपनी ही संस्कृति से दूरी बनाने लगें। और यही सच है। आज भी हम उन्हीं बातों पर सवाल उठा रहे हैं, जिन पर सवाल उठाने की जरूरत है।'

जया किशोरी की फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं

हालांकि, जया किशोरी की ओर से इस वायरल वीडियो को लेकर फिलहाल कोई अतिरिक्त प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन उनका यह बयान इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अपने-अपने नजरिए से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और संस्कृति तथा परंपराओं को लेकर एक नई बहस को जन्म दे चुका है।