
Mumbai Heavy Rain: मुंबई और आस-पास के इलाकों में मूसलाधार बारिश और रेड अलर्ट के बीच महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन (SDMA) ने प्राइवेट ऑफिसों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) और सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी की एडवाइजरी जारी की है। भारी बारिश से लोकल ट्रेनें और मुंबई-गोवा हाईवे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
महाराष्ट्र में मानसून के रौद्र रूप को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच प्रशासन ने कामकाजी लोगों को बड़ी राहत दी है। आपदा प्रबंधन ने सभी निजी कार्यालयों को सलाह दी है कि जहां भी संभव हो, वे अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम करने) की अनुमति दें। इसके साथ ही, आवश्यक सेवाओं से अलग सभी सरकारी दफ्तरों में आधे दिन (हाफ-डे) के बाद छुट्टी की घोषणा की गई है, ताकि सड़कों और ट्रेनों में भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मुंबई, पालघर, ठाणे और रायगढ़ जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिक बिक्रम सिंह ने बताया कि लोनावला में सबसे अधिक 670 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि पालघर इलाके में बीते 24 घंटों में 300 मिमी से ज्यादा पानी बरसा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे इन इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। रायगढ़, नासिक, पालघर और पुणे के घाट क्षेत्रों के लिए 'रेड अलर्ट' को बरकरार रखा गया है, जिसके चलते भारी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
इस मूसलाधार बारिश का सबसे बड़ा असर मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों और सड़क यातायात पर पड़ा है। लोनावला और कर्जत के बीच भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने के कारण सेंट्रल रेलवे की कई लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट बदले गए हैं और कुछ को रद्द किया गया है। वहीं, वसई-नालासोपारा और विरार के रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से वेस्टर्न लाइन की ट्रेनें 20 से 25 मिनट की देरी से चल रही हैं। इसके अलावा, भारी जलभराव के कारण मुंबई-गोवा हाईवे पर गाड़ियों के पहिए पूरी तरह थम गए हैं और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
बढ़ते खतरे को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने भी निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए एक सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। शहर में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके मद्देनजर बीएमसी ने सभी बिल्डरों और इंजीनियरों को ऊंचाई पर चलने वाले काम तुरंत रोकने का आदेश दिया है। कंस्ट्रक्शन साइटों पर लगी क्रेन, मचान और टिन शेड को सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना या मलबे के गिरने से मजदूरों और आम जनता को बचाया जा सके।