मुंबई

मुंबई लैंडस्लाइड में मृतकों की संख्या 6 हुई, प्रशासन बोला- नोटिस के बाद भी रह रहे थे लोग; सरकार देगी 4 लाख का मुआवजा

Mumbai Landslide: मुंबई के कुर्ला के अशोक नगर में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से तीन बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई और चार घायल हैं। संकरी गलियों के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
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Aug 12, 2026
Mumbai rains Landslide
महापौर रितु तावड़े ने लिया जायजा, 4-4 लाख रुपये सहायता राशि का ऐलान (Photo: BMC)

Kurla Landslide News: मुंबई में बुधवार तड़के हुई भारी बारिश के बीच कुर्ला के चिराग नगर इलाके में बड़ा हादसा हो गया। अशोक नगर की गौसिया चॉल में सुबह करीब 3:48 बजे भूस्खलन हुआ। पहाड़ी का एक हिस्सा और भारी मलबा दो से तीन मकानों पर जा गिरा। इस हादसे में तीन बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए हैं। मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की मेयर रितु तावड़े और अतिरिक्त नगर आयुक्त (पूर्वी उपनगर) अविनाश ढाकने ने भूस्खलन स्थल का दौरा किया। मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, बीएमसी, अग्निशमन दल और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया। हालांकि, घटनास्थल तक पहुंचने वाली बेहद संकरी गलियों के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। भारी मशीनों को घटनास्थल तक नहीं पहुंचाया जा सका।

छह लोगों की मौत, मृतकों में तीन बच्चे

बीएमसी के मुताबिक, घाटकोपर स्थित बीएमसी के राजावाड़ी अस्पताल में छह लोगों को मृत घोषित किया गया। मृतकों की पहचान मोहम्मद समीर अंसारी (14), साहिल हुसैन अब्दुल काजी (19), अबान आरिफ शेख (2), मन्नत आरिफ शेख (4) और मरजीना आरिफ शेख (27) के रूप में हुई है। एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

इस हादसे में चार लोग घायल हुए हैं। सोहेल अंसारी (18), मोहम्मद अंसारी (14), नईमुद्दीन इकबाल खान (28) और साजिद अंसारी (16) को कुर्ला स्थित बीएमसी के भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है।

भारी चट्टानों की चपेट में आए मकान

बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भूस्खलन के दौरान बड़ी-बड़ी चट्टानें और मलबा कई मकानों पर जा गिरा। अचानक पहाड़ी का हिस्सा टूटने से आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता बेहद संकरा है। अधिकारी के मुताबिक, कुछ जगहों पर रास्ते की चौड़ाई महज तीन से साढ़े तीन फीट है। इतनी कम जगह है कि एक समय में मुश्किल से एक व्यक्ति ही वहां से गुजर सकता है।

मशीनें नहीं पहुंच पा रहीं, हाथों से हटाया जा रहा मलबा

संकरी गलियों के कारण घटनास्थल पर भारी मशीनरी पहुंचाना संभव नहीं है। ऐसे में बचाव दल को बेहद सावधानी के साथ मलबा हटाना पड़ रहा है।

अधिकारी के अनुसार, मलबे को 'रेकर' जैसी मशीन की मदद से हटाया जा रहा है और इसके बाद उसे बाल्टी के जरिए हाथों से बाहर निकाला जा रहा है। जगह की कमी के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

मेयर ने घटनास्थल पर पहुंचकर लिया जायजा

मुंबई की मेयर रितु तावड़े भी घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने हादसे में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

मेयर ने प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 4 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति के इलाज के लिए 50 हजार रुपये की सहायता देने का भी ऐलान किया गया है।

उन्होंने बचाव अभियान में जुटी सभी एजेंसियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अधिकारियों को जरुरी कदम उठाने के लिए कहा।

नोटिस दिए जाने के बावजूद रह रहे थे लोग, अब सुरक्षित स्थान पर भेजने की तैयारी

बीएमसी अधिकारी गजानन जैतपकर ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में नोटिस पहले ही जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले भी कई घरों को नोटिस दिए गए थे। उन्होंने कहा कि फिलहाल बचाव अभियान जारी है और आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा रहा है। प्रभावित इलाके में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सकता है।

प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

Updated on:
12 Aug 2026 01:58 pm
Published on:
12 Aug 2026 01:49 pm