
Maharashtra MLC Election Result 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव (एमएलसी) में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र नागपुर में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने इस सीट पर पूरी ताकत झोंक दी थी और सुधाकर कोहाले की जीत को लगभग तय माना जा रहा था। हालांकि, मतगणना के दौरान सामने आए रुझानों ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। पहले चरण में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी आगे थे, लेकिन दूसरे चरण की गिनती पूरी होने तक भाजपा के सुधाकर कोहाले ने 4,291 मतों की बढ़त हासिल कर ली। इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले (कराले मास्टर) की रही है।
आज सुबह तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार, दोनों चरणों में कुल 1,50,874 मत वैध पाए गए हैं। चुनाव नियमों के मुताबिक, जीत के लिए 75,438 मतों का कोटा निर्धारित किया गया है। हालांकि, कोई भी उम्मीदवार पहली वरीयता के मतों से यह कोटा हासिल नहीं कर पाया। इसलिए अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती शुरू की गई है। अंतिम परिणाम में इन मतों की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में पहले चरण के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने बढ़त बनाई थी। लेकिन दूसरे चरण की गिनती में स्थिति बदल गई और भाजपा के सुधाकर कोहाले 4,291 मतों से आगे निकल गए।
दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर के बावजूद जीत के लिए जरूरी मतों का कोटा पूरा नहीं हो सका। ऐसे में अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती पर सभी की नजरें टिकी हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाता अपनी वरीयता के उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में वोट देते हैं। यदि कोई उम्मीदवार पहली वरीयता के मतों से निर्धारित जीत का कोटा हासिल नहीं करता, तो नियमानुसार आगे की मतगणना में सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जाता है। बाहर किए गए उम्मीदवार के मतपत्रों को खोला जाता है और देखा जाता है कि मतदाताओं ने उनमें दूसरी वरीयता (2nd Preference) के रूप में किसे वोट दिया है। इसी प्रक्रिया से अंतिम विजेता तय होता है।
इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले ने भी सबका ध्यान खींचा है। पहले दो चरणों की मतगणना में उन्हें कुल 24,249 मत मिले हैं। वह तीसरे स्थान पर हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे की मतगणना में उनके मतपत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता के कितने मत भाजपा के सुधाकर कोहाले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के पक्ष में जाते हैं। इससे अंतिम परिणाम तय होगा।
चुनाव से कुछ घंटे पहले एनसीपी शरद पवार गुट ने नितेश कराले को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था। इस फैसले से नाराज कराले ने मतदान से पहले सोशल मीडिया पर अपना भावुक वीडियो साझा किया था। इसमें वह फूट-फूटकर रोते नजर आये। माना जा रहा है कि इस वीडियो की वजह से चुनाव में उन्हें मिले मतों की संख्या और बढ़ी।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की सीट माना जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र होने के कारण इस चुनाव पर राज्यभर की निगाहें थीं।
भाजपा ने सुधाकर कोहाले के समर्थन में पूरी ताकत झोंकी थी। चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले भी मैदान में उतरे थे।
इसके बावजूद मतगणना में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने शुरुआती बढ़त लेकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। दूसरे चरण में भाजपा उम्मीदवार के आगे निकलने के बाद भी उनकी जीत सुनिश्चित नहीं मानी जा सकती, क्योंकि पहली वरीयता के मतों से निर्धारित कोटा पूरा नहीं हुआ है।
नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1,65,541 मतदाताओं ने मतदान किया था। इनमें से 15,106 मत अवैध घोषित किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में मतपत्रों का अवैध होना इस चुनाव में चर्चा का विषय बन गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, सुधाकर कोहाले के नाम के सामने केवल ‘2’ लिखे हुए कई मतपत्र भी मिले हैं। वरीयता आधारित मतदान में मतपत्र पर उम्मीदवारों की वरीयता सही तरीके से दर्ज करना जरूरी होता है। निर्धारित नियमों के अनुरूप वरीयता दर्ज नहीं होने पर मतपत्र अवैध हो सकता है।
हालांकि, केवल ‘2’ लिखे होने के कारण ही सभी संबंधित मतपत्र अवैध घोषित किए गए, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। अवैध मतों की संख्या और मतपत्रों की वैधता से जुड़े नियम अंतिम परिणाम को समझने में महत्वपूर्ण होंगे।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुधाकर कोहाले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच मुकाबला अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती तक पहुंच गया है। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को मिले 24,249 मत भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
फिलहाल सुधाकर कोहाले 4,291 मतों से आगे हैं, लेकिन जीत का अंतिम फैसला मतगणना की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। नागपुर में किस उम्मीदवार के सिर जीत का ताज सजेगा, इस पर महाराष्ट्र की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं।