मुंबई

Mumbai: कुत्ते का नाखून लगने से 9 साल की बच्ची की मौत, छोटी सी लापरवाही पड़ी भारी

Nalasopara Girl Rabies Death: कुछ दिन पहले ही गंभीर हालत में बच्ची को मुंबई रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि वह रेबीज की चपेट में आ चुकी है।
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Mar 24, 2026
Kashish Sahani Dog scratch Rabies death
रेबीज संक्रमण से 9 साल की बच्ची की मौत (Photo Social Media)

महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा शहर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। रेबीज संक्रमण के कारण महज 9 साल की एक मासूम बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। तमाम प्रयासों के बावजूद सोमवार सुबह बच्ची ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद से पूरे इलाके में शोक और भय का माहौल है।

कुत्ते का नाखून लगने से हुआ रेबीज

मृत बच्ची की पहचान कशिश साहनी के रूप में हुई है, जो नाला सोपारा पश्चिम के सुबोध सागर बिल्डिंग में अपने परिवार के साथ रहती थी। वह इलाके के एक कान्वेंट स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती थी। बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले वह अपने दादा के साथ जा रही थी, तभी एक आवारा कुत्ते के नाखून से उसके हाथ पर हल्का चोट लग गया था। जिसके चलते परिवार अगले दिन उसे इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गया।

बताया जा रहा है कि बच्ची इंजेक्शन के नाम से इतनी डर गई कि उसे रेबीज की वैक्सीन नहीं लगाई गई और उसका सही उपचार नहीं हो सका। जख्म छोटा होने के कारण वह जल्दी भर गया और परिवार ने भी इसे सामान्य समझकर गंभीरता से नहीं लिया।

6 महीने बाद मासूम की मौत

कुछ दिन पहले कशिश की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसने खाना-पीना बंद कर दिया और आंखों में लालपन दिखाई देने लगा। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां से उसे आगे इलाज के लिए मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। सोमवार सुबह मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मेडिकल रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण रेबीज संक्रमण बताया गया है।

महापालिका में उठाएंगे मुद्दा- विपक्ष

इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। घटना की जानकारी मिलते ही वसई महापालिका के विपक्ष के नेता मनोज पाटिल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि आने वाली महापालिका बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा।

इधर, स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। बच्ची के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने साफ कहा है कि कुत्ते या बिल्ली के काटने या नाखून लगने जैसी घटनाओं को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में तुरंत इलाज और एंटी-रेबीज वैक्सीन लेना बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों में इंजेक्शन का डर आम होता है, लेकिन ऐसे समय पर माता-पिता को उनसे खुलकर बात करनी चाहिए और समय पर पूरा इलाज करना बेहद जरूरी है।

Updated on:
24 Mar 2026 06:09 pm
Published on:
24 Mar 2026 06:09 pm
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