मुंबई

जिस नाना पाटेकर को दुनिया अभिनेता के तौर पर जानती थी, गडकरी ने बताया उनका वो दूसरा चेहरा

Nana Patekar Death+ नाना पाटेकर के निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अभिनेता के फिल्मी सफर के साथ किसानों, गांवों और पानी के लिए किए गए उनके काम को भी याद किया।
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Oct 08, 2026
Nana Patekar News
नाना पाटेकर के निधन पर नितिन गडकरी ने दुख जताया और उनकी समाजसेवा को याद किया। (फोटो सोर्स-IANS)

Nitin Gadkari: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म जगत और उनके चाहने वालों को गहरा झटका दिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी नाना पाटेकर को याद करते हुए भावुक संदेश लिखा। गडकरी ने कहा कि नाना का जाना उनके लिए निजी तौर पर भी बहुत दुख की बात है। दोनों के बीच काफी अच्छा और पुराना दोस्ताना रिश्ता था।

नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक तक मराठी और हिंदी फिल्मों में काम किया। उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं थी। उनकी आवाज, बोलने का अलग अंदाज और किसी किरदार में पूरी तरह उतर जाने की कला ने उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाया। उन्होंने कई ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें दर्शक आज भी याद करते हैं।

फिल्मों से अलग नाना का ये रूप

हालांकि, नितिन गडकरी ने नाना को याद करते हुए उनके फिल्मी सफर के साथ उनके उस काम का भी जिक्र किया, जिसके बारे में शायद हर कोई नहीं जानता। यह काम था गांवों, किसानों और पानी की समस्या से जुड़े लोगों के लिए उनकी मदद।

नाना पाटेकर ने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर 'नाम फाउंडेशन' के जरिए महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में काफी काम किया। संस्था ने पानी बचाने, गांवों में जल संरक्षण बढ़ाने और किसानों के परिवारों की मदद के लिए कई पहल कीं। खास तौर पर उन परिवारों की मदद की गई, जिन्होंने किसान की आत्महत्या के बाद मुश्किल हालात का सामना किया।

गडकरी ने नाना के इसी रूप को याद करते हुए कहा कि वह सिर्फ अच्छे कलाकार नहीं थे, बल्कि समाज की परेशानियों को समझने वाले इंसान भी थे। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए जिस तरह हाथ बढ़ाया, वह उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा था।

नाना के काम के कायल थे गडकरी

नाना का यह सामाजिक काम उनके लिए किसी फिल्मी भूमिका से कम नहीं था। वह कई बार किसानों और गांवों की समस्याओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखते थे। उनके लिए समाज के लिए काम करना सिर्फ दिखावे की बात नहीं थी। वह खुद इन कामों से जुड़े रहे और लोगों के बीच जाकर उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश करते थे।

गडकरी और नाना पाटेकर की मुलाकात भी कई मौकों पर हुई थी। इसी साल मई में नागपुर में पानी बचाने से जुड़े एक कार्यक्रम में दोनों साथ नजर आए थे। गडकरी पहले भी नाना के सामाजिक काम की तारीफ कर चुके हैं।

अभिनय और समाजसेवा की विरासत

गडकरी ने नाना को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा में अपनी खास जगह बनाई और अपने अभिनय से लोगों के दिलों में जगह बनाई। उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान है।

नाना पाटेकर के जाने से सिनेमा ने एक ऐसा कलाकार खो दिया, जिसकी आवाज और अभिनय को भुलाना आसान नहीं होगा। लेकिन उनकी पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं थी। गांवों, किसानों और पानी के लिए किया गया उनका काम भी उन्हें लंबे समय तक याद दिलाता रहेगा। गडकरी ने नाना की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

Updated on:
08 Oct 2026 09:04 am
Published on:
08 Oct 2026 09:04 am