
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नवी मुंबई मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली समिति ने सिडको (CIDCO) के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। इसके तहत मेट्रो लाइन 1A और मेट्रो लाइन 2 का निर्माण किया जाएगा।
नवी मुंबई मेट्रो लाइन-1 के सफल संचालन की शुरुआत नवंबर 2023 में हुई थी। इसके बाद सिडको ने मेट्रो विस्तार के अगले चरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजी थी। अब इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिल गई है।
प्रस्तावित मेट्रो लाइन 1A की लंबाई 3.02 किलोमीटर होगी। यह एलिवेटेड कॉरिडोर CBD बेलापुर को सागर संगम से जोड़ेगा और इसके बीच दो स्टेशन बनाए जाएंगे।
इस लाइन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह प्रस्तावित गोल्ड लाइन (मेट्रो लाइन-8) से इंटरचेंज सुविधा प्रदान करेगी। इसके जरिए पश्चिमी नवी मुंबई के यात्रियों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और आसान मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी।
मेट्रो लाइन-2 इस परियोजना का सबसे बड़ा हिस्सा होगी। इसकी कुल लंबाई 14.07 किलोमीटर होगी और इस मार्ग पर 11 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह लाइन पेंढार को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 से जोड़ेगी।
यह कॉरिडोर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों, औद्योगिक इलाकों और MIDC क्षेत्र को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगा। साथ ही अमनदूत स्टेशन के पास यह कल्याण-तलोजा मेट्रो लाइन-12 से भी जुड़ेगा, जिससे मुंबई महानगर क्षेत्र के पूर्वी हिस्सों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
नई मेट्रो लाइनों को मौजूदा 11 किलोमीटर लंबी नवी मुंबई मेट्रो लाइन-1 के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसके बाद सागर संगम से लेकर नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक लगभग 28 किलोमीटर लंबा सतत मेट्रो नेटवर्क तैयार हो जाएगा।
इस नेटवर्क के शुरू होने के बाद नवी मुंबई, कल्याण, तलोजा और आसपास के क्षेत्रों से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को निर्बाध और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इससे सड़क यातायात का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5,575 करोड़ रुपये तय की गई है। परियोजना का निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2027-28 में शुरू होने की संभावना है। वहीं, मेट्रो के पूर्ण संचालन का लक्ष्य 2031-32 रखा गया है।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले इस मेट्रो विस्तार को क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में मुंबई महानगर क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।