अजित दादा के पार्थिव शरीर के पंचतत्व में विलीन होते ही एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के भीतर राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। राज्य के मंत्री और वरिष्ठ नेता नरहरी झिरवाल ने एक बड़ा बयान देते हुए सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई है।
महाराष्ट्र की राजनीति के 'पावरफुल' नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार गुरुवार (29 जनवरी) को पंचतत्व में विलीन हो गए। बुधवार को बारामती हवाई पट्टी के पास हुए भीषण विमान हादसे में उनके निधन के बाद आज राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उमड़े हजारों के जनसैलाब ने नम आंखों से अपने 'दादा' को अंतिम विदाई दी। अजित पवार के दोनों बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी। यह दृश्य भावुक कर देने वाला था। पूरे परिसर में शोक और सन्नाटे का माहौल था, वहीं समर्थकों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
अजित पवार न सिर्फ राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री थे, बल्कि बारामती विधानसभा क्षेत्र से विधायक और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख भी थे। उनके निधन के बाद यह सवाल उठ रहा है कि उनकी विशाल सियासी जिम्मेदारियों को अब कौन संभालेगा।
अंत्यविधि के दौरान पार्थ और जय पवार लगातार लोगों से मिलते-जुलते नजर आए। वे ही मंच पर मौजूद थे और सभी गणमान्य अतिथियों से संवाद कर रहे थे, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस के अन्य नेता और पवार परिवार के सदस्य नीचे बैठे दिखाई दिए। इस दृश्य को राजनीतिक हलकों में इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि भविष्य में अजित पवार की राजनीतिक विरासत पार्थ और जय पवार के कंधों पर जा सकती है।
इसी बीच एनसीपी (अजित गुट) के वरिष्ठ नेता व मंत्री नरहरी झिरवाल (Narhari Zirwal) ने एक बड़ा बयान देकर सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह मांग रखी कि अजित पवार के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। सुनेत्रा पवार अभी राज्यसभा सांसद हैं।
एनसीपी विधायक नरहरी झिरवाल ने कहा कि सभी की यह ईमानदार इच्छा है कि सुनेत्रा पवार को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अब दोनों राष्ट्रवादी (NCP) एक साथ आ चुकी हैं और अलग-अलग रहकर आगे बढ़ना संभव नहीं है। अब दोनों राष्ट्रवादी (अजित और शरद गुट) को एक साथ आना ही होगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
एनसीपी के सर्वेसर्वा अजित पवार के निधन से जो राजनीतिक शून्य पैदा हुआ है, उसे भरने के लिए सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि पवार परिवार को हमेशा प्रैक्टिकल राजनीति के लिए जाना जाता रहा है। वर्तमान हालात और भविष्य की राजनीति को समझते हुए सही फैसला लेना खासकर शरद पवार की पहचान रही है। एक तरफ अजित पवार के जाने का गहरा दुख है, तो दूसरी तरफ यह कोशिश भी शुरू हो गई है कि उनकी अनुपस्थिति में पार्टी में नेतृत्व को लेकर कोई असमंजस न बने।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की कमान किसके हाथों में जाएगी और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है। अजित पवार के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में यह एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।