
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में अमित शाह और उद्धव ठाकरे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तुलना गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से की तो महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे को दाऊद इब्राहिम से जोड़ दिया। बुधवार को सिंधुदुर्ग में राणे ने कहा कि अमित शाह को लॉरेंस बिश्नोई कहने से पहले संजय राउत को उद्धव ठाकरे की ओर देखना चाहिए। उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं को लेकर भी ठाकरे पर कई आरोप लगाए।
जानकारी के मुताबिक, नितेश राणे ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने दाऊद इब्राहिम जैसी भूमिका अपना ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में पहले दाऊद जो काम करता था, वही काम अब उद्धव ठाकरे कर रहे हैं।
राणे ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं का साथ दे रहे हैं। वे उनके पक्ष में खड़े होकर उन्हें मुंबई में मजबूत करने का काम कर रहे हैं। हालांकि, राणे ने अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है। इस बयान पर उद्धव ठाकरे की प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
यह पूरा विवाद मुंबई के शिवाजी पार्क में मंगलवार को हुई शिवसेना (यूबीटी) की दशहरा रैली से जुड़ा है। रैली में संजय राउत ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना लॉरेंस बिश्नोई से की थी।
राउत ने आरोप लगाया था कि अमित शाह ही असली लॉरेंस बिश्नोई हैं। उन्होंने देश में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को लेकर भी गृह मंत्री पर सवाल उठाए थे। इसके साथ ही मुंबई की कानून-व्यवस्था को लेकर महाराष्ट्र सरकार को घेरा था।
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले के बाद लॉरेंस बिश्नोई का नाम फिर चर्चा में आया है। इसी घटना को लेकर उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने महाराष्ट्र सरकार से सवाल किए थे।
दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी थी कि वे लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की साबरमती जेल से महाराष्ट्र लाकर पूछताछ करें। उन्होंने यह भी पूछा था कि हमलावरों तक हथियार कैसे पहुंच रहे हैं।
संजय राउत के बयान के जवाब में अब नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे को निशाने पर लिया है। एक तरफ अमित शाह की तुलना लॉरेंस बिश्नोई से की गई, तो दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे को दाऊद इब्राहिम से जोड़ा गया।
हालांकि, ये दोनों नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों के आधार पर किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि नहीं होती है।