
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, अमित शाह और एकनाथ शिंदे (Photo-IANS)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम और राज्य के जलापूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटील ने एकनाथ शिंदे को अगला सीएम बनाने का दावा किया है। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जीवित होते, तो वे उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री नहीं बनने देते।
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति को जीत मिलने के बाद देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाया था, जबकि एकनाथ शिंदे को डिप्टी सीएम बनाया। शिवसेना नेता ने कहा कि यदि पार्टी के सभी विधायक पूरी ताकत से जुट जाएं, तो एकनाथ शिंदे फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं। शिंदे को भावी मुख्यमंत्री बताए जाने पर सभा में मौजूद शिवसैनिकों ने तालियां बजाकर समर्थन जताया। इसके बाद एक बार फिर से प्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
इस दौरान शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे जीवित होते, तो वे उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री नहीं बनने देते। कदम ने यह भी दावा किया कि बालासाहेब उन्हें कांग्रेस के साथ जाने की अनुमति भी नहीं देते।
कदम ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे अब भी असली शिवसेना होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन उनके पीछे कोई नहीं है। उन्होंने फिल्म ‘शोले’ के असरानी के मशहूर अंदाज का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे की स्थिति को ‘आधे इधर, आधे उधर’ बताया। कदम ने शिवसेना की मौजूदा स्थिति के लिए सांसद संजय राउत को जिम्मेदार ठहराया।
जलापूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटील ने भी एकनाथ शिंदे को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि जिस तरह रामसेतु का निर्माण हुआ था, उसी तरह शिंदे ने लोगों को जोड़ने का काम किया है।
पाटील ने कहा कि उन्होंने मां तुलजा भवानी के चरणों में प्रार्थना की है कि एकनाथ शिंदे फिर से मुख्यमंत्री बनें और प्रदेश के किसान सुखी रहें। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि अगली बार जब वे इसी मंच पर भाषण देने आएंगे, तब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री होंगे।
पाटील ने चेतावनी भरे अंदाज में यह भी कहा कि शिंदे के रास्ते में आने वालों का भला नहीं होगा। उनके इस बयान ने सभा में मौजूद शिवसैनिकों के बीच राजनीतिक संदेश को और मुखर कर दिया।
Updated on:
21 Oct 2026 12:11 pm
Published on:
21 Oct 2026 11:41 am
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