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टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा, हथियारों की सप्लाई करने वाले चार गिरफ्तार, ट्रेन से मुंबई पहुंचाई खेप

Tiger Shroff firing case Update : अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधा, बबीता, सुमित और कुनाल के रूप में हुई है।
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भारत

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kamlesh sharma

•

Oct 21, 2026

Tiger Shroff firing case

Tiger Shroff firing case (Photo-ANI/IANS)

Tiger Shroff firing case Update : नई दिल्ली। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधा, बबीता, सुमित और कुनाल के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अमृतसर से हथियार लाकर मुंबई में एक नाबालिग तक पहुंचाने में शामिल थे। इस पूरे नेटवर्क को अनिल पंडित के निर्देशों पर संचालित किया जा रहा था।

स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी ने बुधवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल कुणाल हाल ही में एक अन्य मामले में जेल से बाहर आया था। इसके बाद वह अनिल पंडित के कहने पर अपने साथी सुमित के साथ अमृतसर जाकर एक तय जगह से हथियार लिए। फिर अपने साथी राधा की मदद से उसने इन हथियारों को मुंबई भिजवाया।

ट्रेन से मुंबई पहुंचाई खेप

डीसीपी ने बताया कि मुंबई में राधा और बबीता ने रेलवे स्टेशन के पास एक नाबालिग को ये हथियार सौंप दिए। कुणाल राधा ने राधा और बबीता का इस्तेमाल कूरियर के तौर पर किया। उसने राधा के साथ निजी संबंधों का फायदा उठाकर उसे इस काम में शामिल किया गया। वे ट्रेन से हथियार लेकर मुंबई पहुंचीं।

उन्होंने बताया आरोपी 15 तारीख को रवाना हुए थे और 17 तारीख की सुबह मुंबई पहुंचे। करीब 11 बजे दादर रेलवे स्टेशन के पास नाबालिग को हथियार सौंपे गए। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि हथियारों की खेप को आगे किस तरह इस्तेमाल किया जाना था और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

एन्क्रिप्टेड संचार के जरिए मिलते थे निर्देश

जांच में सामने आया कि कुणाल अनिल पंडित के संपर्क में था। दोनों के बीच एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए बातचीत होती थी। हथियार कहां से लेने हैं, उन्हें मुंबई तक कैसे पहुंचाना है और वहां किसे सौंपना है, इस संबंध में निर्देश दिए जाते थे।

डीसीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कुणाल की भूमिका हथियारों की आवाजाही सुनिश्चित करने की सामने आई है। उसे इस काम के लिए करीब 70 से 80 हजार रुपए मिलने की जानकारी मिली है। इसमें से लगभग 10 से 12 हजार रुपए बबीता को दिए गए थे।

रंदीप मलिक गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल और हैरी बॉक्सर

पुलिस के अनुसार, अनिल पंडित और हैरी बॉक्सर रंदीप मलिक गैंग से जुड़े हैं। इस गैंग का नाम हाल के दिनों में रंगदारी के लिए फोन करने और फायरिंग की घटनाओं के सिलसिले में सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, गैंग के सदस्य एन्क्रिप्टेड माध्यमों से निर्देश प्राप्त करते थे और उसी के अनुसार काम करते थे।

डीसीपी ने यह भी बताया कि कुनाल पहले भी अनिल पंडित के निर्देश पर पानीपत में फायरिंग की घटना को अंजाम दे चुका है। पुलिस इस मामले में आरोपियों की भूमिका और गैंग के अन्य सदस्यों से उनके संपर्कों की जांच कर रही है।

सोनपत में रहकर सुरक्षा संबंधी काम करती थीं महिलाएं

पुलिस के मुताबिक, कुनाल और सुमित हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। वहीं, राधा और बबीता मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं, लेकिन सोनीपत में रहकर सुरक्षा संबंधी काम करती थीं। जांच में सामने आया कि चारों आरोपी पिछले दो से तीन सप्ताह के दौरान ही इस विशेष काम के सिलसिले में एक-दूसरे के संपर्क में आए थे।

न्य सेलिब्रिटी को निशाना बनाने का खुलासा नहीं

जब पुलिस से पूछा गया कि क्या आरोपियों के निशाने पर कोई अन्य सेलिब्रिटी भी था, तो डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी ने कहा कि पूछताछ में ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे और उनकी भूमिका मुख्य रूप से हथियार हासिल करने तथा उन्हें तय स्थान तक पहुंचाने तक सीमित थी।