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‘आप Gen Z नहीं हैं’, हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके ने शेयर की PM मोदी की तस्वीर, लिखी ये बात

Abhijeet Dipke Tweet: दिल्ली हाईकोर्ट की Gen Z टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी की तस्वीर शेयर कर एक लाइन लिखी। जानिए सौरव-आशुतोष की सुनवाई से क्यों जोड़ी जा रही यह पोस्ट।
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मुंबई

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Imran Sheikh

•

Oct 21, 2026

Abhijeet Dipke

हाईकोर्ट की Gen Z टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके ने शेयर की पीएम मोदी की तस्वीर, पोस्ट ने खींचा ध्यान। (फाइल फोटो-ANI)

Abhijeet Dipke on PM Modi:दिल्ली हाईकोर्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका की उम्र को लेकर हुई एक टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गई है। बुधवार को अदालत ने दोनों की उम्र पूछने के बाद कहा कि वे जेन-जी नहीं हैं। इसके बाद दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि सिर्फ यही एक व्यक्ति है, जिसे जेन-जी कहा जा सकता है। उनकी इस पोस्ट को अदालत की टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, दीपके ने खुद यह साफ नहीं किया कि उन्होंने किस संदर्भ में ऐसा लिखा है।

पीएम मोदी की तस्वीर शेयर कर क्या लिखा?

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पोस्ट की। इसके साथ उन्होंने अंग्रेजी में लिखा, 'The only person who qualifies as a GenZ.' इसका हिंदी में मतलब है, 'सिर्फ यही एक व्यक्ति है, जिसे जेन-जी कहा जा सकता है।'

खास बात यह है कि दीपके ने अपनी पोस्ट में किसी अदालत या मामले का नाम नहीं लिया। हालांकि, इससे कुछ समय पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका की उम्र को लेकर जेन-जी वाली टिप्पणी सामने आई थी।

हाईकोर्ट ने क्यों पूछा, 'आप Gen Z नहीं हैं?'

बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत बढ़ाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने दोनों की उम्र पूछी। वकील ने बताया कि सौरव 27 साल और आशुतोष 31 साल के हैं। इस पर अदालत ने पूछा कि फिर आप जेन-जी नहीं हैं?

अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि पहले प्रदर्शन में छात्र और युवा शामिल थे, लेकिन अब मुद्दे बदलते दिखाई दे रहे हैं। अदालत ने संगठन और प्रदर्शन के मकसद को लेकर भी सवाल किए।

सौरव और आशुतोष ने वापस ली याचिका

सौरव और आशुतोष ने 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत बढ़ाए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि उन्हें हिरासत में रखना सही नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन पर सवाल उठाए। इसके बाद दोनों की ओर से याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी गई, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय नहीं दी।

दीपके की पोस्ट के पीछे क्या है संदेश?

हाईकोर्ट की टिप्पणी और दीपके की पोस्ट के समय को देखते हुए इसे अदालत की बात पर तंज के तौर पर समझा जा सकता है। हालांकि, यह केवल एक संभावित मतलब है। दीपके ने न तो अपनी पोस्ट में अदालत का जिक्र किया और न ही यह बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जेन-जी क्यों कहा।

ऐसे में फिलहाल इतना ही साफ है कि अदालत की टिप्पणी के बाद दीपके ने पीएम मोदी की तस्वीर के साथ जेन-जी को लेकर एक अलग अंदाज में अपनी बात रखी है।