मुंबई

E20 पेट्रोल विवाद: नितिन गडकरी के 11 करोड़ मानहानि केस पर बॉम्बे हाईकोर्ट में 5 अगस्त को सुनवाई

Nitin Gadkari High Court Plea: E20 पेट्रोल नीति विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने कथित फर्जी और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की मांग करते हुए 11 करोड़ रुपए के हर्जाने की याचिका दाखिल की है। गडकरी का कहना है कि E20 नीति से जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
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Jul 28, 2026
Nitin Gadkari Defamation Case
नितिन गडकरी की 11 करोड़ की मानहानि याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में 5 अगस्त को सुनवाई होगी। फोटो सोर्स-ANI

Nitin Gadkari Defamation Case:E20 पेट्रोल नीति को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही कुछ पोस्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अब कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना है। गडकरी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कथित फर्जी और आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने 11 करोड़ रुपए के हर्जाने की भी मांग की है।

गडकरी का कहना है कि E20 पेट्रोल नीति से जोड़कर उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं। उनका आरोप है कि इस तरह के कंटेंट से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।

इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि कुछ संबंधित पक्षों को अभी याचिका की कॉपी नहीं मिली है। इसके बाद कोर्ट ने गडकरी की ओर से याचिका की प्रतियां सभी पक्षों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

E20 नीति से जोड़ने पर जताई आपत्ति

गडकरी की याचिका में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर उनके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए कई पोस्ट वायरल किए गए। इन पोस्ट में उन्हें E20 पेट्रोल नीति से सीधे जोड़ने की कोशिश की गई। गडकरी का कहना है कि ये पोस्ट पूरी तरह गलत, भ्रामक और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले हैं।

उन्होंने कोर्ट को बताया है कि E20 यानी पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने की योजना पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से जुड़ी है। उनका कहना है कि वह सड़क परिवहन मंत्री हैं और इस नीति को बनाने या लागू करने में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

AI और डीपफेक पोस्ट पर कार्रवाई की मांग

याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने AI और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसे कंटेंट तैयार किए, जिनसे यह दिखाने की कोशिश की गई कि गडकरी या उनके परिवार को E20 नीति से कोई निजी फायदा हुआ है।

गडकरी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कोर्ट से ऐसे कंटेंट पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने गूगल, मेटा, एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कथित आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश देने की भी मांग की है।

गडकरी की ओर से कहा गया है कि वह किसी भी तरह की आलोचना या नीति पर बहस रोकने के पक्ष में नहीं हैं। लेकिन झूठी जानकारी और जानबूझकर छवि खराब करने वाली सामग्री के खिलाफ कानूनी कदम उठाना जरूरी है। E20 पेट्रोल नीति को लेकर पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर बहस जारी है। अब यह मामला कोर्ट पहुंच चुका है, जहां यह तय होगा कि विवादित पोस्ट पर क्या कार्रवाई होगी।

Updated on:
28 Jul 2026 01:38 pm
Published on:
28 Jul 2026 01:37 pm
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