
बॉम्बे हाई कोर्ट से FDA को बड़ा झटका, 8 डेयरियों के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई पर रोक (Photo: IANS/File)
Bombay High Court FDA Action: महाराष्ट्र में आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे की अगुवाई वाली खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की सख्त कार्रवाई के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। औरंगाबाद पीठ ने महाराष्ट्र एफडीए को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने छत्रपति संभाजीनगर, जालना, जलगांव और अहिल्यानगर की 8 डेयरियों के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि एफडीए ने नियमानुसार सुधार के लिए 14 दिनों का समय दिए बिना ही सीधे लाइसेंस निलंबित कर दिया, जो कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने इस दलील को गंभीरता से लेते हुए अंतरिम राहत प्रदान की।
राज्यभर में एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में दूध में मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान कई डेयरियों पर छापेमारी और कार्रवाई की गई। हालांकि, अब हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद विभाग की कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
हाईकोर्ट ने जिन डेयरियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई है, उनमें छत्रपति संभाजीनगर की शिवकृपा डेयरी, अहिल्यानगर की कृष्णानंद फूड प्रोडक्ट्स, जतिन दूध संग्रह और जयहरि दूध संग्रह, नवनाथ दूध संग्रह, सिद्धेश्वर मिल्क प्रोडक्ट्स जलगांव की सरस्वती मिल्क प्रोडक्ट्स और जालना की सरस्वती मिल्क प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इस फैसले से उन किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो रोजाना इन डेयरियों को दूध की आपूर्ति करते हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि एफडीए के नियमों और विभागीय दिशानिर्देशों के अनुसार यदि जांच में कोई कमी मिलती है, तो संबंधित डेयरी संचालक को उसे दूर करने के लिए 14 दिन का समय देना अनिवार्य है।
वकीलों ने दलील दी कि बिना यह अवसर दिए सीधे लाइसेंस निलंबित करना कानून के खिलाफ है। साथ ही यह भी बताया गया कि संबंधित डेयरियों ने कई कमियों को पहले ही दूर कर दिया था। इन तर्कों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल निलंबन की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी।
इस बीच, महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने दूध में मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के कानून के तहत कार्रवाई करती है और इस कानून को और अधिक सख्त बनाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि बार-बार मिलावट करते पकड़े जाने वालों को कड़ी सजा देने के लिए मजबूत कानूनी प्रावधान जरूरी हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
Updated on:
27 Jul 2026 12:15 pm
Published on:
27 Jul 2026 11:58 am
