
मुंबई. सीईटी सेल ने प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए मुंबई और पुणे के कॉलेजों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया। कॉलेजों की ओर से कार्यशाला को अच्छा प्रतिसाद मिला है। इसलिए अब कार्यशाला का आयोजन औरंगाबाद में भी सीईटी सेल की ओर से किया जाएगा। यह कार्यशाला 15 फरवरी को औरंगाबाद में आयोजित की जाएगी। सीईटी सेल की ओर से प्रौद्योगिकी, फार्माकोलॉजी, कृषि में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया को लागू की जा रही है। लेकिन प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेजों की तकनीकी कठिनाइयों, कॅप प्रवेश प्रक्रिया, छात्रों को दस्तावेज पेश करने में आने वाली कठिनाइयों, अदालती लड़ाई के चलते प्रवेश प्रक्रिया अधिकतर बेहार हो जाती है। इसलिए, प्रवेश प्रक्रिया को बिना किसी समस्या के सुचारू रूप से चलाया जाना चाहिए।
संवाद करने का निर्णय
सीईटी वर्ग की ओर से अपेक्षित सुधार को समझने के लिए विभागीय स्तर पर कॉलेजों के साथ संवाद करने का निर्णय लिया गया है। इसके अनुसार दूसरे चरण में औरंगाबाद में संभागीय संचार कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। वहीं मुंबई और पुणे की तरह औरंगाबाद, जालना, लातूर, नांदेड़, उस्मानाबाद, परभणी, बीड और हिंगोली जिलों के कॉलेज प्रतिनिधि 15 फरवरी को औरंगाबाद में आयोजित कार्यशाला में भाग लेंगे। कार्यशाला औरंगाबाद में जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित की जाएगी। इस बीच जनवरी में पहले चरण में पुणे 2 और 3 जनवरी को बीजे मेडिकल कॉलेज व मुंबई में 6 और 7 जनवरी को सिडनम कॉलेज में कार्यशालाएं आयोजित की गईं। कॉलेज के प्रतिनिधियों ने इन कार्यशालाओं का उत्साहपूर्वक जवाब दिया और कई संदेह भी उठाए।