
Shiv Sena Operation Tiger in BMC: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से छह सांसदों ने बगावत के संकेत दिए है। उद्धव सेना में चार साल बाद फिर हुई इस बड़ी टूट को एकनाथ शिंदे की शिवसेना का 'ऑपरेशन टाइगर' का हिस्सा बताया जा रहा है।
शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार सुबह में दिल्ली स्थित संसद भवन के पार्टी कार्यालय में अपने सांसदों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कुल नौ में से तीन सांसद ही शामिल हुए। जबकि छह सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद 'ऑपरेशन टाइगर' ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया। जहां शिंदे गुट बहुत सावधानी से कदम बढ़ा रहा है, वहीं उद्धव सेना ने बागी गुट के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है।
सांसदों के स्तर पर मचे भीषण घमासान के बीच अब एक और बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली के राजनीतिक भूकंप के बाद अब मुंबई में भी 'ऑपरेशन टाइगर' के सक्रिय होने की जोरदार चर्चाएं शुरू हो गई हैं, जिससे ठाकरे खेमे में खलबली मच गई है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चाओं के बीच अब दावा किया जा रहा है कि बीएमसी में ठाकरे गुट के 20 से अधिक नगरसेवक (पार्षद) भी शिंदे की शिवसेना के संपर्क में हैं। जल्द ही वह पाला बदलेंगे।
शिंदे की शिवसेना के नगरसेवक (पार्षद) किरण लांडगे (Kiran Landge) ने मीडिया के सामने आकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। किरण लांडगे ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) के 20 से ज्यादा बीएमसी पार्षद इस समय हमारे संपर्क में हैं। लांडगे के मुताबिक, ठाकरे गुट के पार्षद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में काम करना चाहते है और वे लगातार पूछ रहे हैं कि उन्हें पार्टी में कब आधिकारिक रूप से शामिल किया जाएगा।
गौरतलब हो कि इसी साल जनवरी में हुए बीएमसी चुनाव में भाजपा ने 89 सीटें जीतकर मुंबई नगर निगम में ठाकरे परिवार के तीन दशक पुराने वर्चस्व को समाप्त कर दिया। भाजपा की सहयोगी शिंदे की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। विपक्ष में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें मिलीं, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को 6 सीटें हासिल हुईं। उद्धव सेना ने बीएमसी चुनाव मनसे के साथ गठबंधन में लड़ा था। जबकि वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीटें, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को 8, समाजवादी पार्टी (सपा) को 2 सीटें मिलीं और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को बीएमसी में केवल एक सीट पर जीत मिली।