
Shiv Sena Operation Tiger: महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। शिवसेना (यूबीटी) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच सांसदों की संभावित टूट को लेकर दावों और प्रतिदावों का दौर जारी है। जहां शिंदे गुट ऑपरेशन टाइगर को पूरी तरह सफल बता रहा है, वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने इसे पूरी तरह असफल करार दिया है।
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ सांसद अरविंद सावंत ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि पार्टी के सभी नौ सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं और किसी भी सांसद ने पार्टी छोड़ने का फैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यदि ऑपरेशन टाइगर वास्तव में सफल हुआ है तो शिंदे गुट उन सांसदों के नाम और चेहरे सार्वजनिक करे जो उनके साथ गए हैं।
अरविंद सावंत ने कहा कि पार्टी ने आज सांसदों की बैठक बुलाई है और इसके लिए व्हिप भी जारी किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसद बैठक में शामिल होंगे और तब स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। सावंत ने कहा कि दिल्ली में संजय राऊत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और वह खुद मौजूद हैं, जबकि अन्य सांसद भी बैठक में शामिल होने वाले हैं।
सावंत ने दावा किया कि मुंबई उत्तर-पूर्व से सांसद संजय दीना पाटिल से उनकी बातचीत हुई है और उन्होंने साफ कहा है कि वह उद्धव ठाकरे के साथ हैं। सावंत के अनुसार, संजय दिना पाटिल इस समय अपने मुंबई स्थित घर पर हैं और दिल्ली में मौजूद नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सांसदों के नाम जानबूझकर अफवाहों में घसीटे जा रहे हैं, जिससे भ्रम का माहौल बनाया जा रहा है।
हालांकि, धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर के बारे में पूछे जाने पर सावंत ने कहा कि उनसे उनकी बात नहीं हो पाई है। इसके बावजूद उन्होंने दावा किया कि पार्टी को अपने सांसदों पर पूरा भरोसा है और किसी पर अविश्वास करने का सवाल ही नहीं उठता।
इसी बीच, ऑपरेशन टाइगर को लेकर चर्चाओं के केंद्र में रहे धाराशिव सांसद ओमराजे निंबालकर ने भी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली नहीं गए हैं और फिलहाल पुणे में ही मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह 20 जून के बाद मीडिया के सामने अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे।
ओमराजे निंबालकर के इस बयान के बाद पिछले दो दिनों से चल रही उनके शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
शिवसेना (यूबीटी) का दावा है कि लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए कथित पत्र पर धाराशिव सांसद ओमराजे निंबालकर और मुंबई उत्तर-पूर्व के सांसद संजय दीना पाटिल के हस्ताक्षर नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि दोनों सांसद उस समय नई दिल्ली में मौजूद ही नहीं थे।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि ठाकरे गुट के छह सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं और उन्होंने समर्थन संबंधी पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हालांकि अब तक न तो वह पत्र सार्वजनिक हुआ है और न ही कथित छह सांसदों की कोई तस्वीर सामने आई है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि कथित छह सांसदों में से दो सांसद वास्तव में ठाकरे गुट के साथ बने रहते हैं, तो शिंदे गुट के पास अलग समूह बनाकर विलय की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई सांसदों का आंकड़ा नहीं पहुंचेगा। ऐसी स्थिति में दल-बदल कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती हैं।
उद्धव ठाकरे गुट के पास वर्तमान में लोकसभा में नौ सांसद हैं, जिनमें अनिल देसाई, अरविंद सावंत, संजय दीना पाटील, राजाभाऊ वाजे, संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटील आष्टीकर, ओमराजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। इसमें से अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे ही उद्धव ठाकरे के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। बुधवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी ये तीनों सांसद संजय राउत के साथ मौजूद रहे, जबकि बाकी सांसदों को लेकर लगातार अटकलों का दौर जारी है।
फिलहाल ऑपरेशन टाइगर को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। अब सभी की नजरें आज सुबह 11 बजे होने वाली सांसदों की बैठक पर टिकी हैं।