
Pankaja Munde Antarwali Sarati: महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के बीच राज्य की मंत्री पंकजा मुंडे ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव को गोद लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह इस गांव का विकास करेंगी और इसे अपने बीड जिले के गांवों की तरह ही प्यार देंगी। पंकजा मुंडे ने दशहरा मेले के अवसर पर भगवान गढ़ में लोगों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।
लोकसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, पंकजा मुंडे ने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति है और इस संकट के दौरान समाज में मौजूद जाति-धर्म की दीवारों को तोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सूखा अमीर और गरीब के बीच भेदभाव नहीं करता। धूप सभी को समान रूप से लगती है और प्यास भी हर किसी को बराबर लगती है। ऐसे में लोगों को जाति और धर्म के आधार पर बांटने के बजाय एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए।
पंकजा मुंडे ने कहा कि मैंने जालना के अंतरवाली सराटी गांव को गोद लिया है। मैं इस गांव का विकास करूंगी और अपने बीड जिले के हर गांव की तरह ही यहां भी प्यार दूंगी। मैं प्रेम का प्रसार करना चाहती हूं और प्रेम का पौधा लगाना चाहती हूं। उन्होंने कहा कि संकट के समय जाति की दीवारें अपने आप टूट जाती हैं। सूखे का असर अमीर और गरीब दोनों पर पड़ता है और पशुओं के चारे की जरूरत भी सभी को होती है। इसलिए इस मुश्किल समय में जाति के आधार पर खड़ी दीवारों को खत्म करना जरूरी है।
अपने संबोधन में पंकजा मुंडे ने जाति के आधार पर राजनीति करने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो नेता जाति के सहारे सत्ता चलाना चाहते हैं, उनका भविष्य नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि देश को दिशा देने के लिए प्रशिक्षित, समझदार और विचारशील नेतृत्व जरूरी है। उनके मुताबिक, बिना प्रशिक्षण और स्पष्ट एजेंडे के नेतृत्व करने वाला व्यक्ति देश को सही दिशा देने के बजाय विभाजनकारी और नकारात्मक दिशा में ले जा सकता है।
पंकजा मुंडे का यह ऐलान ऐसे समय में आया है, जब महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित किसानों की मदद के लिए सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। अंतरवाली सराटी गांव को गोद लेने के उनके फैसले के तहत विकास के लिए क्या-क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी इस बयान में नहीं दी गई।