Panvel Accident: पनवेल तालुका पुलिस ने मामले की जांच के लिए घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की मांग की थी। हालांकि, एक्सप्रेसवे का प्रबंधन संभालने वाली कंपनी आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने सूचित किया है कि घटना स्थल के सबसे नजदीक लगा कैमरा तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रहा था।
Panvel Accident:मुंबई के पास पनवेल में एक भीषण सड़क हादसे में IIT बॉम्बे के तीन छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार सुबह उस समय हुआ, जब छात्र अपनी कार से लोनावला की यात्रा कर वापस मुंबई लौट रहे थे। पनवेल एग्जिट से करीब 10 किलोमीटर पहले, कार चालक ने बाईं ओर से एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया, जिससे वाहन पर से नियंत्रण खो गया और कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सड़क पर कई बार पलटी और सुरक्षा रेलिंग से जा भिड़ी, जिससे गाड़ी के परखचे उड़ गए। हालांकि पनवेल तालुका पुलिस ने मामले की तहकीकात के लिए घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज मांगे थे, लेकिन एक्सप्रेसवे का रखरखाव करने वाली कंपनी आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने बताया कि घटनास्थल के सबसे करीब वाला कैमरा खराब होने के कारण फुटेज उपलब्ध नहीं है।
दुर्घटना के बाद अज्ञात ट्रक चालक मौके से वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और मौत का कारण बनने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
श्रेयांश शर्मा: जयपुर के रहने वाले श्रेयांश मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चौथे वर्ष के छात्र थे। वे परिसर में काफी लोकप्रिय थे और जनरल सेक्रेटरी का चुनाव भी लड़ चुके थे। उनके भाई के अनुसार श्रेयांश का सपना आईएएस अधिकारी बनने का था।
ओमकुमार बोरसे: नासिक के रहने वाले ओमकुमार एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र थे। वे कार चला रहे थे। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार, वे कक्षा 10वीं में स्टेट रेंकर और गणित स्कॉलरशिप में राज्य में तीसरे स्थान पर रहे थे।
लय देशभ्रतार: नागपुर के रहने वाले लय फिजिक्स के तीसरे वर्ष के छात्र थे।
पुलिस पूछताछ में जीवित बचे अन्य छात्रों (हितेश मीणा, सोहम चव्हाण और सिद्धांत जेबल) ने बताया कि वे सभी रात 4 बजे तक जागकर फिल्में देख रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अचानक सूर्योदय देखने के लिए लोनावला जाने की योजना बनाई। तीन अलग-अलग कारों में सवार होकर निकले इन छात्रों में से वापसी के समय ओमकुमार, श्रेयांश और लय एक ही कार में थे, जबकि उनके अन्य दोस्त पीछे आ रही दो अन्य कारों में सवार थे।
पनवेल तालुका पुलिस ने मामले की तहकीकात के लिए सीसीटीवी फुटेज की मांग की थी, लेकिन एक्सप्रेसवे की रखरखाव कंपनी आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने बताया कि घटनास्थल के पास लगा कैमरा खराब था। हालांकि पुलिस ने शुरुआती तौर पर नशे में गाड़ी चलाने की बात से इनकार किया है, लेकिन पुख्ता जानकारी के लिए ऑटोप्सी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अब आरटीओ अधिकारी कार की जांच कर यह पता लगाएंगे कि हादसे के वक्त गाड़ी की रफ्तार क्या थी, क्या छात्रों ने सीटबेल्ट पहनी थी और एयरबैग समय पर खुले थे या नहीं। दुर्घटना के तुरंत बाद तीनों छात्रों को नवी मुंबई के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।