Maharashtra First Woman CM: बारामती में सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की पहली महिला मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टर लगे हैं। उनके बेटे जय पवार के बयान के बाद शुरू हुई इस चर्चा पर भाजपा और शिवसेना के मंत्रियों ने तंज कसा है।
Sunetra Pawar Next CM Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में 'मुख्यमंत्री' पद को लेकर खींचतान कोई नई बात नहीं है, लेकिन अब इस रेस में एक नया नाम सुनेत्रा पवार का जोड़ दिया गया है। दरअसल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की प्रमुख नेता और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर उनके बेटे जय पवार द्वारा दिए गए एक बयान के बाद बारामती की सड़कों पर 'भावी मुख्यमंत्री' के पोस्टर चपका दिए गए हैं, जिससे सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
हाल ही में मीडिया से बात करते हुए जय पवार ने अपनी इच्छा जाहिर की थी कि उनकी मां को राज्य का नेतृत्व करना चाहिए। जय पवार ने कहा, 'बारामती के लोगों की इच्छा हमेशा से अजित दादा (पवार) को मुख्यमंत्री के रूप में देखने की थी। अब सुनेत्रा वहिनी भी उतनी ही मेहनत से काम कर रही हैं। हमें उम्मीद है कि 2029 के चुनाव के बाद वह बड़ी भूमिका निभाएंगी और राज्य की मुख्यमंत्री बनेंगी।'
जय पवार के इस बयान के तुरंत बाद बारामती शहर में बड़े-बड़े फ्लेक्स और पोस्टर दिखाई देने लगे हैं। इन पोस्टरों पर लिखा है कि 'माननीय सुनेत्रा वहिनी अजित दादा पवार… हाँ, मुख्यमंत्री ही!' 'पूरा महाराष्ट्र आपको राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में देख रहा है।' आपको बता दें कि इन पोस्टरों ने न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि महायुति गठबंधन के भीतर भी हलचल पैदा कर दी है।
सुनेत्रा पवार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर महायुति के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है, जहां भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्रियों ने जय पवार के बयान पर तीखी चुटकी ली है। भाजपा नेता और मंत्री जयकुमार गोरे ने तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ इच्छा जताने से कोई मुख्यमंत्री नहीं बनता, इसके लिए पर्याप्त विधायकों का समर्थन और बहुमत होना अनिवार्य है; वहीं शिवसेना मंत्री भरत गोगावले ने कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद हालिया उपचुनाव में मिली बड़ी जीत के उत्साह में जय पवार को अब 'मुख्यमंत्री' बनने के सपने आने लगे हैं।
अजित पवार लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में रहे हैं, लेकिन अब उनके परिवार के भीतर से ही सुनेत्रा पवार का नाम आगे आना कई संकेत देता है। क्या यह बारामती में अपना दबदबा बनाए रखने की रणनीति है या वाकई महाराष्ट्र को पहली महिला मुख्यमंत्री मिलने का आधार तैयार किया जा रहा है? फिलहाल, इन पोस्टरों ने 2029 की चुनावी बिसात अभी से बिछा दी है।
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