
अजित पवार। (Photo: X/NCP)
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया है। इस बीच, विद्या प्रतिष्ठान की सदस्य और पवार परिवार की करीबी किरण गुजार ने शुक्रवार को अजित की लास्ट विश के बारे में जानकारी दी है।
किरण ने कहा कि अजीत पवार की आखिरी इच्छा थी कि पार्टी के दोनों गुट एक हो जाएं। बारामती प्लेन क्रैश में निधन के बाद गुरुवार को अजित पवार का अंतिम संस्कार हुआ। जिसके बाद उनके बेटे पार्थ और जय ने विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड से अपने पिता की अस्थियां इकट्ठा कीं।
अंतिम संस्कार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए किरण गुजार ने कहा- आज अजित पवार की अस्थियां यहां संगम में विसर्जित की गईं। 'दादा' की आखिरी इच्छा थी कि NCP के दोनों गुटों का विलय हो। सभी को एकजुट होना चाहिए।
किरण ने आगे कहा- विलय के बारे में पूरे परिवार में बात हो रही थी। आखिरी फोन कॉल में उन्होंने (अजित) मुझसे कुछ चुनाव से जुड़े कागजात मांगे थे।
बता दें कि एनसीपी के दोनों गुट ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव गठबंधन में लड़ा था। वहीं, आने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए भी गठबंधन की बात चल रही थी।
इसी बीच, ऐसी अटकलें थीं कि अजीत पवार के निधन से पहले दोनों गुट एक ही सिंबल के तहत एक साथ आएंगे। उनकी मौत ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दिया है। उधर, शिवसेना नेता शायना एनसी ने जनता से ऐसी अटकलों पर ध्यान न देने को कहा है।
शायना ने कहा कि नए NCP प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद का फैसला पार्टी करेगी। शायना एनसी ने कहा- मुझे नहीं लगता कि यह किसी भी तरह की अटकलों का समय है।
उन्होंने आगे कहा- हमने अभी-अभी अजीत दादा को खोया है, यह महाराष्ट्र राज्य के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है। यह NCP का फैसला है कि किसे पार्टी अध्यक्ष बनाना है और किसे उपमुख्यमंत्री बनाना है। ये सभी अटकलें हैं जो इंतजार कर सकती हैं। राजनीति चलती रहेगी।
अजीत पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में किया गया, जहां उनके बेटों ने चिता को आग दी और अंतिम संस्कार किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, NCP (SCP) प्रमुख शरद पवार और अभिनेता रितेश देशमुख सहित कई प्रमुख नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पर भी बड़ी संख्या में लोग उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए इकट्ठा हुए। जब उनके पार्थिव शरीर को ग्राउंड पर लाया गया, तो अजीत पवार के समर्थकों ने अजित दादा अमर रहें के नारे लगाए।
Updated on:
30 Jan 2026 02:30 pm
Published on:
30 Jan 2026 02:30 pm
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