मुंबई

पुणे: वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट से क्लोरीन गैस लिक होने से हड़कंप, 24 लोग अस्पताल में भर्ती, पूरा परिसर सील

Pune Chlorine Gas Leak: महाराष्ट्र के पुणे शहर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात एक बंद पड़े जल शोधन संयंत्र (Water Purification Plant) से अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया।
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Apr 30, 2026
Gas leak Maharashtra news
पुणे के कोंढवा में क्लोरीन गैस रिसाव से हड़कंप (AI Image)

महाराष्ट्र के पुणे जिले (Pune Chlorine Gas Leak) के कोंढवा इलाके (Kondhwa News) में गुरुवार को क्लोरीन गैस रिसाव की घटना से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कम से कम 22 स्थानीय निवासी और दो दमकलकर्मी प्रभावित हुए, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ के बाद तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बंद पड़े संयंत्र से हुआ गैस रिसाव

अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना रात करीब एक बजे गंगाधाम क्षेत्र (Water Purification Plant Gangadham) में स्थित एक बंद पड़े जल शोधन संयंत्र (वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट) में हुई। देर रात संयंत्र के गोदाम में रखे क्लोरीन से भरे टैंक से अचानक गैस लीक होने लगी, जिससे आसपास के इलाके में घातक गैस फैल गई।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पुणे दमकल विभाग की टीमें सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने बताया कि कई निवासियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। दमकलकर्मियों ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से रिसाव वाले टैंक को नियंत्रित किया और स्थिति पर काबू पाया। बचाव अभियान के दौरान दो दमकलकर्मी भी गैस की चपेट में आ गए।

24 लोग अस्पताल में भर्ती, सभी की हालत स्थिर

इस दौरान 22 नागरिकों और दो दमकलकर्मियों को सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत ससून जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रभावित लोग अब खतरे से बाहर हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

लापरवाही के कारण हुआ हादसा

वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट के मालिक ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि उसने काफी समय पहले इस संयंत्र को बंद कर दिया था और यूनिट को हटा दिया था। हालांकि, क्लोरीन का एक टैंक वहीं गोदाम में बिना किसी निगरानी के छूट गया था, जिसमें समय के साथ खराबी आने के कारण रिसाव शुरू हुआ।

परिसर किया गया सील, जांच जारी प्रशासन ने कंपनी परिसर को सील कर घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर यह मामला लापरवाही का माना जा रहा है। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि इतने संवेदनशील रसायन को बंद पड़े संयंत्र में इस तरह असुरक्षित तरीके से क्यों छोड़ा गया और क्या इसमें सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है।

Updated on:
30 Apr 2026 11:41 am
Published on:
30 Apr 2026 11:32 am