
Ashadi Yatra Special Trains: आषाढ़ी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मध्य रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। 22 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक पंढरपुर में आयोजित होने वाली आषाढ़ी यात्रा के लिए पंढरपुर और मिरज के लिए कुल 54 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे का कहना है कि यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी।
मध्य रेलवे के अनुसार, इस बार नागपुर, अमरावती, खामगांव, लातूर, भुसावल, कोल्हापुर और पुणे जैसे प्रमुख शहरों से पंढरपुर और मिरज के लिए आरक्षित और अनारक्षित दोनों प्रकार की विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इससे महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
रेलवे ने कुल 54 स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने की घोषणा की है। इनमें नागपुर-मिरज (4 सेवाएं), नवीन अमरावती-पंढरपुर (4 सेवाएं), खामगांव-पंढरपुर (4 सेवाएं), लातूर-पंढरपुर (8 सेवाएं), भुसावल-पंढरपुर (4 अनारक्षित सेवाएं), कोल्हापुर-कुर्डुवाड़ी (16 अनारक्षित सेवाएं) और पुणे-मिरज (14 अनारक्षित सेवाएं) शामिल हैं।
इन ट्रेनों का संचालन 21 जुलाई से शुरू होकर 29 जुलाई तक अलग-अलग तिथियों पर किया जाएगा। अधिकांश ट्रेनें पंढरपुर, कुर्डुवाड़ी, मिरज, दौंड, अहमदनगर, मनमाड, भुसावल, जलगांव, सांगोला और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेंगी।
आरक्षित स्पेशल ट्रेनों में एसी थर्ड, स्लीपर और सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोच लगाए जाएंगे। वहीं अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों में बड़ी संख्या में सामान्य श्रेणी के डिब्बे उपलब्ध रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु यात्रा कर सकें।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आषाढ़ी यात्रा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के साथ सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मध्य रेलवे ने बताया कि इन विशेष ट्रेनों के लिए आरक्षण शुरू हो चुका है। श्रद्धालु रेलवे के अधिकृत आरक्षण केंद्रों और ऑनलाइन माध्यम से टिकट बुक करा सकते हैं। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आषाढ़ी यात्रा के दौरान यात्रियों की संख्या अनुमान से अधिक रहती है तो अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा।
आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए पंढरपुर पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार रेलवे ने पहले से व्यापक तैयारी की है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।