मुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC Election) में मनसे के खराब प्रदर्शन पर राज ठाकरे ने पदाधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने बीएमसी मेयर चुनाव में बीजेपी को समर्थन देने पर भी टिप्पणी की।
मुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC) के नतीजों ने महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। उद्धव और राज ठाकरे के साथ आने के बावजूद भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया। खासकर राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के लिए नतीजे बेहद निराशाजनक रहे। इसी सिलसिले में सोमवार को मुंबई के एमआईजी क्लब में राज ठाकरे ने पार्टी पदाधिकारियों की एक समीक्षा बैठक बुलाई।
बीएमसी चुनावों में करारी हार के बाद राज ठाकरे ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जहां उन्होंने भविष्य की रणनीति को लेकर कड़ा संदेश दिया। इस बैठक के दौरान मनसे के पदाधिकारियों ने हार के लिए कई कारण गिनाए और शिकायतों का अंबार लगा दिया। पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि गठबंधन में मनसे को पर्याप्त और प्रभावी सीटें नहीं मिली थीं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) से गठबंधन के बावजूद कई वार्डों में उनके कार्यकर्ताओं ने पूरा सहयोग नहीं किया। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार खड़े किए, जिससे मनसे के वोट बैंक में सेंध लगी, जिसका सीधा नुकसान पार्टी को हुआ।
पार्टी कार्यकर्ताओं की लंबी शिकायतों को सुनने के बाद मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने बहुत ही संक्षिप्त और कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने पदाधिकारियों को कहा, "अब मुझे किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं चाहिए। जो हुआ उसे पीछे छोड़ें और अब अधिक जोश और दोगुनी रफ्तार के साथ जनता के बीच काम पर लग जाएं।"
राज ठाकरे के इस रुख से यह स्पष्ट हो गया कि स्थानीय निकाय चुनावों में हार के बाद वह आत्मविश्वास के साथ संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
मुंबई के बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिंदे की शिवसेना के महायुति गठबंधन ने 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। इस बीच चर्चा शुरू हुई थी कि क्या राज ठाकरे अपनी 6 सीटों के साथ बीजेपी का समर्थन करेंगे? विशेष रूप से कल्याण-डोंबिवली में मनसे द्वारा शिंदे गुट को समर्थन देने के बाद यह अटकलें और तेज हो गईं।
दरअसल कल्याण-डोंबिवली (KDMC) में मनसे ने उद्धव गुट के साथ चुनाव लड़ने के बाद नतीजे आते ही शिंदे गुट को समर्थन दे दिया। साथ ही बालासाहेब ठाकरे की 100वीं जयंती पर राज ठाकरे की ‘लचीले फैसलों’ वाली पोस्ट ने इन अटकलों को हवा दे दी।
हालांकि, राज ठाकरे ने इन सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मनसे मुंबई में भाजपा को समर्थन नहीं देगी। यह मैं खुद कह रहा हूं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।
बीएमसी चुनाव नतीजों की बात करें तो बीजेपी और शिंदे की शिवसेना ने मिलकर 118 सीटें जीतते हुए बहुमत का आंकड़ा (114 सीट) पार कर लिया। वहीं उद्धव की शिवसेना (उबाठा) ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 65 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके मुकाबले मनसे ने 53 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन सिर्फ 6 सीटें ही जीत सकी। पार्टी का स्ट्राइक रेट करीब 10 प्रतिशत रहा, जिसे बेहद खराब माना जा रहा है।